पिछले वित्तीय वर्ष की जिला योजना में धनराशि न मिलने के कारण एक दर्जन हाईस्कूल और इंटर कालेजों के भवन नहीं बन सके। इतना ही नहीं पॉलिटेक्निक कालेज के लिए भवन का निर्माण भी रुका हुआ है। इन सभी के लिए 66 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। जिसमें से 45 करोड़ 53 लाख रुपये ही उपलब्ध हो सके हैं। इस साल 31 मार्च तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रयास किए गए। एन वक्त पर सरकार ने धनराशि न होने का हवाला देकर इन विभागों के लिए पर्याप्त रकम उपलब्ध नहीं कराई। अब नए सिरे से वर्तमान वित्तीय वर्ष की जिला योजना में प्रयास किए जा रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 250 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, बाउंड्रीवाल तथा अन्य काम के लिए जिला योजना में 58 करोड़ 91 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन इन निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं हो सक ी हैं। इस विभाग के लिए सरकार ने 45 करोड़ 27 लाख रुपये जिला योजना में मिले थे। शेष राशि के न मिलने के कारण 250 स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष तथा बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं हो सका।
इसी तरह माध्यमिक शिक्षा के लिए छह करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे । जिसमें से मात्र 26 लाख रुपये छिटपुट काम के लिए ही मिले हैं। शेष धनराशि न मिलने के कारण आठ हाईस्कूल और चार इंटरमीडिएट स्कूल भवनों का निर्माण नहीं हो सका। प्रावधिक शिक्षा विभाग ने जिले में पॉलिटेक्निक कालेज भवन का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। इसके लिए एक करोड़ 10 लाख रुपये मंजूर हुए थे लेकिन एक धेला नहीं मिला है। जिसकी वजह से स्कूल तथा पॉलिटेक्निक के संचालन पर ब्रेक लग गया है।
विभाग स्वीकृत (लाख) अवमुक्त अवमुक्त रकम प्रतिशत में
प्राथमिक शिक्षा 5891 4527.29 76.85
माध्यमिक शिक्षा 0640 0026.10 04.08
प्रावधिक शिक्षा 0110 0000.00 00.00
कुल 6641 4553.29
जिला योजना में पर्याप्त धनराशि न मिलने के कारण प्रस्तावित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूल भवन का निर्माण नहीं हो सका है। अब वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जिला योजना में प्रस्ताव तैयार किया जाना है। उम्मीद है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष की जिला योजना में इन कामों के लिए धनराशि मिल सकेगी।
धर्मेँद्र कुमार शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक