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मीट फैक्टरी में अमोनिया गैस रिसाव: मजदूरों की उखड़ रही थी सांसें, अस्पताल में नहीं थी ऑक्सीजन

Mon, 16 Dec 2024 10:48 AM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

फैक्टरी प्रबंधन घटना को पुलिस और प्रशासनिक अमले से छुपाए रहा। गैस रिसाव शाम को सवा सात बजे हुआ लेकिन अधिकारियों को रात साढ़े आठ बजे सूचना मिली थी। फैक्टरी प्रबंधन ने वह भी नहीं दी बल्कि बेहोश हुए लोगों के परिजनों के माध्यम से जानकारी मिली तब अमला फैक्टरी पहुंचा। मीट फैक्टरी प्रबंधन ने संबंधित थाना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी ही नहीं थी।
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प्राइवेट हॉस्पीटल में उपचार कराती जैनब - फोटो : संवाद
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विस्तार
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फैक्टरी में अमोनिया गैस का रिसाव होने से बेहोश मजदूरों की सांसें उखड़ रही थीं। इन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत थी लेकिन फैक्टरी प्रबंधन सभी मजदूरों को जिस अस्पताल में लेकर पहुंचा था वहां ऑक्सीजन तक नहीं थी। बाद में जब अफसर पहुंचे और उनके सामने इस अस्पताल की बदइंतजामी आई और मरीजों को सारसौल चौराहे पर दूसरे अस्पताल ले जाया गया। वहीं सभी का इलाज कराया जा रहा है।

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एक बार फिर अलीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। आज भी कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। मीट फैक्टरी में बेहोश हुईं छह महिला मजदूरों समेत दस लोगों को सबसे पहले मथुरा बाईपास पर फैक्टरी के पास स्थित एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। इसी दौरान गैस रिसाव की जानकारी पाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस अस्पताल में पहुंच गए। यहां अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं लगीं तो तत्काल सभी को एंबुलेंस के माध्यम से सारसौल चौराहे पर एक दूसरे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। यहां सभी को ऑक्सीजन दी गई। तेजी के साथ इलाज शुरू किया गया।
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घटना को छुपाए रहा फैक्टरी प्रबंधन, प्रशासन को भी नहीं दी सूचना
फैक्टरी प्रबंधन घटना को पुलिस और प्रशासनिक अमले से छुपाए रहा। गैस रिसाव शाम को सवा सात बजे हुआ लेकिन अधिकारियों को रात साढ़े आठ बजे सूचना मिली थी। फैक्टरी प्रबंधन ने वह भी नहीं दी बल्कि बेहोश हुए लोगों के परिजनों के माध्यम से जानकारी मिली तब अमला फैक्टरी पहुंचा। मीट फैक्टरी प्रबंधन ने संबंधित थाना, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी ही नहीं थी। खामोशी के साथ में पास के ऐसे अस्पताल में भर्ती करा दिया जहां इलाज की सुविधाएं ही नहीं थीं। सबसे बड़ी बात कि यहां ऑक्सीजन तक नहीं थी।

सिटी मजिस्ट्रेट रामशंकर ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन ने किसी को सूचना नहीं दी। आम लोगों के माध्यम से सूचना मिली तो वह सबसे पहले फैक्टरी पर पहुंचे थे। बाद में उस अस्पताल में गए जहां शुरूआत में मजदूरों को भर्ती कराया गया था। उस अस्पताल में इलाज का कोई प्रबंध नहीं था। ऑक्सीजन तक की व्यवस्था नहीं थी। लिहाजा दूसरे अस्पताल में लोगों को भर्ती कराया गया।

दमकल और एंबुलेंस भी बड़ी मशक्कत के बाद पहुंच पाईं अंदर

हादसे की सूचना मिलने पर तत्काल दमकल और एंबुलेंस को फैक्टरी पर बुला लिया गया था। लेकिन यहां मौजूद लोगों ने पहले दमकल और एंबुलेंस को बाहर रोक लिया था। बाद में अफसरों के हस्तक्षेप के बाद प्रवेश मिला।

वॉल्व के लीकेज से हुआ था रिसाव
शाम करीब सात बजे फैक्टरी के चिलर प्लांट के चैंबर में वॉल्ब मेंटेनेंस का काम चल रहा था। इसी बीच वॉल्व के लीकेज हो जाने से अमोनिया का करीब पांच मिनट तक रिसाव हुआ। जिस पर मजदूरों ने किसी तरह रिसाव को रोका। तब कहीं जाकर अमोनिया का रिसाव थम सका।
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संयुक्त टीम करेगी फैक्टरी में जांच

एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट ने बताया कि फैक्टरी का निरीक्षण कर लिया गया है। अमोनिया का रिसाव पूरी तरह से बंद हो चुका है। फैक्टरी में विस्तृत जांच के लिए सिटी मजिस्ट्रेट, कारखाना अधिकारी, सीएफओ समेत अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है जो जांच के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद साफ होगा कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है। जिसके आधार पर कार्रवाई व जिम्मेदारी तय की जाएगी। अमोनिया रिसाव से बेहोश सभी मजदूरों की हालत अब स्थिर है। चिकित्सकों ने उनकी हालत को खतरे से बाहर बताया है।
फैक्टरी के चिलर प्लांट के चैंबर में 15 दिसंबर के चलते बाॅल्ब मेंटीनेंस का काम चल रहा था। इसी बीच तकनीकी गड़बड़ी आने से अमोनिया का हल्का सा रिसाव हुआ। जिससे वहां पैकेजिंग कर रहीं छह महिलाएं व एक पुरुष मजदूर बेहोश हो गए। इन्हें पहले नजदीक अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए फैक्टरी की कार से ही सारसाैल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी की हालत सामान्य है। मजदूरों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। मै खुद फैक्टरी से बाहर था, सूचना पर माैके पर पहुंच कर उपचार कराया।- संजीव कुमार पाठक, प्रबंधक फेयर एक्सपोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

इनका अस्पताल में चल रहा उपचार
1- चांदनी पुत्री शाहिद, उम्र 20, निवासी शाहजमाल, रोरावर
2- रजनी पुत्री सलमान, उम्र 26, निवासी रोरावर
3- नाजिया पुत्री अकबर, उम्र 18, निवासी भुजपुरा, ठाकुर वाली गली, कोतवाली नगर
4- अल्फिशा पुत्री सईद , उम्र 23, निवासी शाहजमाल टंकी के पास, रोरावर
5- जैनब पुत्री जाहिद, उम्र 22, निवासी मकदूम नगर, रोरावर
6- सोफिया पुत्री इस्लाम, उम्र 20 निवासी नींवरी, रोरावर
7- अरमान पुत्र मुख्तार, उम्र 22 निवासी तालसपुर खुर्द, रोरावर
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