नौकरी से हटाए जाने को लेकर जनपद के एंबुलेंस चालक (एएलएस, 102 और 108) हड़ताल पर चले गए हैं। तालानगरी स्थित मैदान में चालकों ने 80 एंबुलेंस खड़ी कर दी हैं। इसकी वजह से आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एंबुलेंस कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी।
एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस का संचालन जिवीके ईएमआरआई द्वारा किया जा रहा है। अब नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा टेंडर जिगित्सा हेल्थ केयर लिमिटेड कंपनी को दिया गया है। इसकी वजह से प्रदेश में करीब 1200 कर्मचारियों की नौकरी के ऊपर तलवार लटक रही है। एंबुलेंस कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष अजीत कौर का कहना है कि नई कंपनी द्वारा नए एंबुलेंस पायलट (चालक) एवं इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (आईएमटी) रखने की तैयारी चल रही है। इससे पहले से कार्य कर रहे तमाम पायलट एवं आईएमटी बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल में 80 एंबुलेंस पर तैनात कर्मचारी शामिल हैं। इमरजेंसी सेवा के लिए छह एंबुलेंस को अलग रखा गया है। हालांकि, हड़ताल से इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान विक्रम सिंह, कृष्ण यादव, विपिन कुमार, उदयपाल सिंह, सतेंद्र कुमार, नितिन जोशी, धर्मेश शर्मा, मनोज, अरविंद शर्मा आदि मौजूद थे।
ये हैं मांगें
- कंपनी बदलने पर एएलएस पर कार्यरत कर्मचारियों को न बदला जाए।
- कंपनी बदलने पर वेतन में किसी तरह की कटौती न की जाए।
- हरियाणा की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन एंबुलेंस का संचालन हो।
- अगर ठेके पर रखने की मजबूरी हो तो कर्मचारियों को एनएचएम के अधीन ठेके पर रखा जाए।
कोरोना काल में एंबुलेंस की रही उल्लेखनीय भूमिका
कोरोना काल में एंबुलेंस कर्मियों ने शानदार भूमिका निभाई थी। मरीजों को घर से अस्पताल में लाकर भर्ती कराने से लेकर स्वस्थ होने पर घर तक पहुंचाने में इनका महत्वपूर्ण सहयोग रहा। दूसरी लहर के दौरान कर्मचारियों ने रात-दिन मेहनत कर मरीजों की सेवा की। एंबुलेंस कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बार-बार इस बात का उल्लेख भी कर रहे हैं।