जल संरक्षण सप्ताह के तहत अमर उजाला द्वारा गुरुवार को जवाहर भवन स्थित बरगद के पेड़ (ट्री आफ लाइफ) के नीचे जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों को तुलसी और गिलोय के पौधे देकर उनको सम्मानित किया गया।
अभियान में आए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने कहा कि पानी के संरक्षण के लिए जरूरी है कि पर्यावरण का संरक्षण भी किया जाए। एक एक पूरा चक्र है। एएमयू भूगर्भ विज्ञान विभाग के पूर्व चेयरमैन डॉ. लियाकत अली राव ने कहा कि बहुत सी सभ्यताओं का अस्तित्व इसलिए खत्म हो गया कि वहां पर नहीं खत्म हो गया। जल और पोखरों के संरक्षण के लिए काम कर रहे प्रवीन कुमार आर्य ने अपने सात बिंदु रखे जिनको अपना कर पोखरों के साथ जल के अस्तित्व को भी बचाया जा सकता है।
मदर्स टच सीनियर सेकेंडरी स्कूल की डायरेक्टर आरती मित्तल ने जल संरक्षण के लिए जन संवेदनशीलता पर चिंता जताई। उनके स्कूल के दो छात्र आकाश और उमंग ने एक माडल के माध्यम से पानी बचाने की तकनीक का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में पर्यावरणविद् सुबोध नंदन शर्मा, प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ के वरिष्ठ नेता आनंद शास्त्री, डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा, रेडियो जाकी ज्योति ने भी संबोधित किया।
ओजस्वी कवि हरीश ‘बेताब’ ने कहा कि अपनी संस्कृति को न खुद भूल जाइए, जिस तरह से हो सके पानी बचाइए। इसे खूब पसंद किया गया।
इस अवसर पर आलोक वात्सल्य, डॉ. राकेश सक्सेना, समाज सेवी सुरेंद्र शर्मा, बिल्लू चौहान, मृत्युंजय शर्मा, दिवाकर राघव, खुसरो खान, चौ. बहोरी सिंह, प्रतीक चौहान, अखिल भारतीय युवा स्तंभकार समिति के अध्यक्ष गौरव वर्मा, सचिन कुमार भारद्वाज, जियाउर्ररहमान आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में डिजिटल पार्टनर के रूप में एएस न्यूज से अनुपम सक्सेना, रेडियो पार्टन करंट एफ एम की ओर से आरजे ज्योति मौजूद थीं।
वर्ड वाटर वीक कार्यक्रम को सम्बोधित करती आरती मित्तल।- फोटो : CITY OFFICE
वर्ड वाटर वीक कार्यक्रम को सम्बोधित करते कवि हरीश बेताब।- फोटो : CITY OFFICE
वर्षा जल संचय प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देता मदर्स टच स्कूल का छात्र उमंग।- फोटो : CITY OFFICE