दोपहिया वाहन चलाते हुए महिला आजादी और आत्म निर्भरता महसूस करती है। महिलाओं का वाहन चलाना भी सशक्तीकरण का ही एक हिस्सा है। महिलाएं नियम कानूनों की पाबंद होती हैं। इसलिए उनकी यह दोपहिया रैली यातायात निमयों के प्रति समाज को जागरूक करने में मील का पत्थर साबित होगी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह व अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सोमवार को महिलाओं की दोपहिया रैली को रवाना करते हुए अधिकारियों ने ये शब्द कहे तो आधी आबादी का हौसला पूरी बुलंदी पर पहुंच गया।
अपराजिताओं ने रैली में भारी संख्या में प्रतिभाग किया। हेलमेट पहनकर दोपहिया वाहन चलाकर उन्होंने शहरवासियों को यातायात नियमों के पालन करने का संदेश दिया। सुभाष चौक घंटाघर से आईजी पीयूष मोर्डिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए शपथ भी दिलाई। साथ ही कहा कि इस शपथ को जीवन में अपनाएं। केवल हाथ उठाकर शपथ लेने और कुछ समय बाद अपने वचनों को भूल जाने से काम नहीं चलेगा। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णत: वर्जित है। सड़क दुर्घटना होने पर न केवल एक परिवार ही प्रभावित होता है, बल्कि देश की भी बड़ी आर्थिक क्षति होती है।
परिवहन विभाग व यातायात पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के बेनर तले दो पहिया रैली का आयोजन किया गया। महिलाओं और छात्राओं ने सुभाष चौक घंटाघर से यातायात नियमों का पालन करते हुए हेलमेट व मास्क पहनकर दोपहिया वाहन रैली निकाली। यहां से रैली डीएम आवास के सामने से होते हुए पुलिस कंट्रोल रूम, एएमयू सर्किल और वहां से ठंडी सड़क होते हुए तस्वीर महल से वापस सुभाष चौक पर आकर खत्म हुई।
रैली में महिला पुलिस, समाजसेवी एवं वार्ष्णेय महाविद्यालय की छात्राओं सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इसके साथ ही पुलिस एवं यातायात विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी मौजूद रहे। इस दौरान एसपी ट्रैफिक सतीशचंद्र, आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन, एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी, यातायात पुलिस से नेहपाल सिंह व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
यातायात नियमों का स्वयं पालन करके और दूसरों को भी जागरूक करके लोगों को दुर्घटनाओं से बचाकर हम राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
- पीयूष मोर्डिया, आईजी
यातायात नियमों का पालन करना हरेक नागरिक की जिम्मेदारी है। यह न सिर्फ खुद को बल्कि सड़क पर चलने वाले व्यक्ति को सुरक्षित करता है। अपराजिताओं के संदेश हरेक व्यक्ति को पालन करना चाहिए।
- सतीश चंद्र, एसपी ट्रैफिक
परिवहन विभाग लोगों को लगातार जागरूक कर रहा है। शहर की महिलाओं को रैली में शामिल होने के लिए परिवहन विभाग व अमर उजाला की ओर से आमंत्रित किया गया था। अपराजिताओं ने शहर वासियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
- फरीदउद्दीन, आरटीओ प्रवर्तन
यातायात नियमों के पालन करने का संदेश देने वाली इस रैली का हिस्सा बनकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। आज जो शपथ ली है, उसका जीवन भर निर्वहन करेंगे।
- बबिता सिंह
सड़क पर सुरक्षित चलना ही समझदारी है। रैली के माध्यम से यातायात नियमों का संदेश दिया गया। लोगों को इसका पालन करना ही होगा।
- मोकांशी वार्ष्णेय
सड़क हादसों में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार से जाकर पूछना चाहिए कि उन पर क्या गुजरती है। वाहन तेज न चलाएं, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
- साक्षी सिंह
शासन-प्रशासन व समाज के जागरूक लोग यातायात नियमों के पालन की सीख दे रहे हैं। इसका लोगों को पालन करना चाहिए। शराब पीकर वाहन नहीं चलाना चाहिए।
- मुस्कान वार्ष्णेय