इन विवादों के चलते एडीए के पास मात्र सात हेक्टेयर जमीन बची। इस वजह से कई आवंटियों को भूखंड या कब्जा नहीं मिल सका। कुल 170 आवंटियों को जमीन नहीं दी जा सकी थी, जिसके कारण वे कई साल से एडीए के चक्कर काट रहे थे। मगर अब उन्हें फ्लैट मिलेंगे। एडीए और आवंटियों के बीच हुए विचार-विमर्श में करीब 100 आवंटियों ने फ्लैट लेने के लिए सहमति जताई है।
2024 से भूमि के लिए भटक रहे स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना के आवंटियों को फ्लैट देने का प्रस्ताव पास हो चुका है। एडीए अब ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत फ्लैट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करेगा। यह कदम न केवल आवंटियों को उनके हक का आवास दिलाएगा, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे विवादों को भी सुलझाने में मदद करेगा।-कुलदीप मीणा, वीसी, एडीए
भूमि आवंटन के बाद हम सभी लोग कई साल से एडीए का चक्कर लगा रहे थे। कई बार कई मुद्दों पर बात बनीं। मगर वह अमल में नहीं लाई गई। अब यह प्रस्ताव बोर्ड में पास होने से फ्लैट की उम्मीद जगी है।-डॉ. बाल किशन, अध्यक्ष, स्वर्णजयंती नगर विस्तारीकरण योजना समिति