प्लॉट खरीदारों का आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट देते समय अलीगढ़-पलवल मुख्य मार्ग से 60 फुट चौड़ा रास्ता और कॉलोनी के अंदर मंदिर, स्वीमिंग पुल, पार्क व विद्यालय प्लेग्राउंड आदि का प्रलोभन देकर प्लॉट बेचे थे। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद न तो रास्ते का निर्माण हुआ और न ही कृषि योग्य भूमि को आबादी में दर्ज नहीं कराया गया।
कस्बा में रविवार को प्लॉट खरीदारों और प्रॉपर्टी डीलर के बीच कहासुनी हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस को प्लॉट खरीदारों ने बताया कि सुविधाओं का झांसा देकर प्रॉपर्टी डीलर ने उन्हें प्लॉट बेचे, लेकिन छह माह बाद भी न तो वहां रास्ते का निर्माण हुआ और न ही कृषि योग्य भूमि को आबादी में दर्ज कराया गया है।
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खरीदारों का आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने प्लॉट देते समय अलीगढ़-पलवल मुख्य मार्ग से 60 फुट चौड़ा रास्ता और कॉलोनी के अंदर मंदिर, स्वीमिंग पुल, पार्क व विद्यालय प्लेग्राउंड आदि का प्रलोभन देकर प्लॉट बेचे थे। लेकिन छह माह बीत जाने के बाद न तो रास्ते का निर्माण हुआ और न ही कृषि योग्य भूमि को आबादी में दर्ज नहीं कराया गया।
आरोप है कि किसानों से चार लाख रुपये सर्किल वाली जमीन को 50 लाख रुपये बीघा के रेट में तय कर किसानों को एडवांस के तौर पर एक या दो लाख रुपये देकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं। प्रॉपर्टी डीलर ने खरीदारों से एडवांस में लिये रुपयों को एक हफ्ते के अंदर वापस करने का आश्वासन दिया है।