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Aligarh: नगर निगम 10 साल से नहीं पहुंचा अदालत, नोटिस मिला तो दी तहरीर, 18 करोड़ की सरकारी भूमि बेचने का आरोप

Thu, 19 Feb 2026 01:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अदालत 2016 से अलीगढ़ नगर निगम को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर रही है, लेकिन कोई हाजिर नहीं हुआ। अब नगर आयुक्त को फिर से नोटिस जारी हुआ तो प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
 
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अलीगढ़ नगर निगम - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ के पूर्व नगर आयुक्त डॉ. नंद किशोर और संपत्ति अधिकारी गयूर अहमद पर भुजपुरा की 18 करोड़ रुपये कीमत की जिस भूमि को बेचने का आरोप है, उसका वाद अदालत में चल रहा है। अदालत 2016 से नगर निगम को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर रही है, लेकिन कोई हाजिर नहीं हुआ। अब नगर आयुक्त को फिर से नोटिस जारी हुआ तो प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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यह तथ्य संज्ञान में आने के बाद पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज करने पर मंथन कर रही है। इसी के चलते बुधवार देर शाम तक प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी। सिविल जज वरिष्ठ प्रभाग की ओर से 12 फरवरी को नगर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि भुजपुरा की इस भूमि पर 2002 में समझौते के आधार पर डिक्री पारित हुई, इसके बाद भी डिक्रीधारक के स्थान पर नगर निगम का नामांतरण कराकर डिक्री की अवमाना की है। इस संबंध में अवमानना याचिका दायर हुई, जिस पर 28 सितंबर 2016 को नोटिस जारी कर 30 दिन में नगर निगम का नामांतरण निरस्त कराने व पूर्व स्थिति बहाल करने को कहा गया। इसके बाद 2019 में भी इस आदेश की पुष्टि की। पूर्व में इस मामले में कई नोटिस दिए गए, लेकिन पालन नहीं हुआ।
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अब अदालत ने 12 फरवरी को जारी नोटिस में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह मामला सिविल जेल भेजने का बनता है। साथ ही 16 फरवरी को नगर आयुक्त को व्यक्ति रूप से तलब होने को कहा है। अगर नहीं आते हैं तो यह समझा जाएगा कि आप कुछ नहीं कहना चाहते हैं, फिर विधिक कार्यवाही की जाएगी। इसी नोटिस के आने के बाद उस समय समझौता करने वाले नगर निगम के दोनों अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिसमें में पद का दुरुपयोग कर लाभ पहुंचाने के लिए समझौते के आधार पर जमीन बेचने का आरोप है।

इस संबंध में हमें अदालत की ओर से नोटिस जारी किया है। मामला 2016 से अवमानना में चल रहा है। जिसके खिलाफ हम हाईकोर्ट में अपील में गए हैं। मामला सार्वजनिक संपत्ति में अनियमितता व फर्जीवाड़ा व पद दुरुपयोग का है। जिसमें तहरीर दी गई है। बाकी अदालत में चल रही प्रक्रिया में भी हम अपना पक्ष रखने के साथ हाईकोर्ट में प्रयासरत हैं।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त

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नगर निगम के द्वारा दी गई तहरीर पर जानकारी जुटाई जा रही है। विधिक विमर्श के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी

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