राज्य सरकार 15 दिन के अंदर मांग मान लेगी, नहीं तो उसे प्रदेश के कर्मचारियों के गुस्सा का सामना करना पड़ेगा। कर्मचारी दस सूत्री मांगें न मानी जाने पर 9 मार्च से तालाबंदी कर देंगे।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की रविवार को महक होटल में पत्रकार वार्ता हुई। इसमें संरक्षक उदयराज सिंह और अध्यक्ष डा. नरेश कुमार व मंत्री कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 2013 में चार मांगे माने जाने का हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है। शेष मांगों पर समयबद्ध विचार कर निस्तारण का आश्वासन दिया था।
इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई है। इसके विरोध में नौ मार्च से मांग पूरी होने तक हड़ताल रहेगी। सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी बांटी गई हैं। हर दिन सभा होगी। रैलियां निकलेंगी। हड़ताल में प्रदेश के करीब 250 विभाग शामिल होंगे। इं. जयपाल, मुनेन्द्र पाल, धर्मवीर सिंह, अनवार उपस्थित रहे।
यह हैं प्रमुख मांग ः नई पेंशन को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू हो, 07, 14 और 20 साल की कुल सेवा के आधार पर तीन पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन दिया जाए, उपचार की कैश लैस सुविधा मिले, अवकाश नगदीकरण की व्यवस्था बहाल हो, फील्ड कर्मचारी को वाहन भत्ता दिया जाए। ग्र्रुप डी की भर्ती पर लगी रोक हटे, 4600 ग्रेड पे से ऊपर के पदों को राजपत्रित घोषित किया जाए।