पदमभूषण कवि एवं गीतकार गोपालदास नीरज के शहर अलीगढ़ में इस बार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन नहीं होगा। नुमाइश में इसका आयोजन 24 फरवरी को होना तय था, लेकिन अचानक इसको रद्द कर दिया गया। नुमाइश इंतजामिया ने इसकी सूचना 18 फरवरी की रात 11 बजे के करीब आमंत्रित कवियों के व्हाटसएप पर भेजी। सूचना मिलने के बाद कवि हैरान और आक्रोशित हैं, उन्हें इसका अंदाजा नहीं था कि अचानक कार्यक्रम रद्द कर दिया जाएगा।
18 फरवरी रात अचानक नुमाइश इंतजामिया की ओर से कवि सम्मेलन को निरस्त करने का निर्देश मिला था। तत्काल आमंत्रित कवियों को इसकी सूचना भेजी गई। बुलाए जाने के बाद मना करने पर कवियों ने नाराजगी भी जाहिर की, क्योंकि उन्होंने दूसरी जगह का कार्यक्रम रद्द कर अलीगढ़ के कवि सम्मेलन में आना सहर्ष स्वीकार किया था। -राकेश सक्सेना, संयोजक कवि सम्मेलन।
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18 फरवरी की रात लगभग 11 बजे व्हाटसएप के माध्यम से कवि सम्मेलन के निरस्त होने की सूचना दी गई। अलीगढ़ के कवि सम्मेलन में शामिल होने के लिए कुछ कवियों ने ताज महोत्सव का कार्यक्रम छोड़ा था। अब वहां भी नहीं जा पाए और यहां भी कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इससे नुकसान हुआ है। नीरज के शहर के कवि सम्मेलन निरस्त कर दिया जाना बहुत अफसोसजनक है। इसका आयोजन आगे किसी तिथि में कराया जाए। -सुरेंद्र सुकुमार, कवि।
अलीगढ़ की ऐतिहासिक नुमाइश में दशकों से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होता आ रहा है। ये एक परंपरा है, नुमाइश की पहचान है। अब इसको तोड़ा जा रहा है। इस बार कवि सम्मेलन की तारीख तीन बार बदली गई और बाद में पूरा आयोजन निरस्त कर दिया गया। नीरज जी के शहर में यह होना अफसोसजनक है। इससे बुलाने पर भी कवि यहां के सम्मेलन में आने को राजी नहीं होंगे। -विष्णु सक्सेना, प्रख्यात कवि एवं गीतकार।