कासगंज में दुर्घटनाग्रस्त चेतक एविएशन के विमान की जांच के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें कासगंज पहुंच गई हैं। जांच के दौरान एविएशन की सभी फ्लाइटों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक दोनों टीमें विमान की तकनीकी और मैकेनिकल जांच करेंगी। जांच टीम मलबे और विमान के पार्ट्स का गहन मुआयना करेगी। यह देखा जाएगा कि क्या हवा में इंजन फेल हुआ था या ईंधन की लाइन में कोई रुकावट थी। इसके अलावा क्या विमान के पंखों या मोड़ने वाले हिस्सों ने काम करना बंद कर दिया था।
इसके अलावा डीजीसीए फ्लाइंग क्लब के रिकॉर्ड की जांच भी करेगा कि विमान की नियमित सर्विसिंग हुई थी या नहीं। क्या विमान को उड़ान के लिए सर्टिफिकेट नियमों के तहत दिया गया था। फ्यूल की शुद्धता और पायलट की भूमिका की भी जांच होगी। यह जांचा जाएगा कि पायलट ने कितने घंटे की उड़ान भरी थी, क्या वह इस उड़ान के लिए पूरी तरह योग्य थी। क्या इंस्ट्रक्टर ने उड़ान की अनुमति देने से पहले प्री-फ्लाइट ब्रीफिंग ठीक से की थी। हादसे के वक्त की मौसम की भी जांच होगी।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) रिकॉर्डिंग भी देखी जाएगी। एटीसी और विमान के बीच हुई आखिरी बातचीत को सुना जाएगा, ताकि यह पता चले कि पायलट ने क्रैश से ठीक पहले क्या परेशानी बताई थी। अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक सत्यब्रत सारस्वत करते हैं कि हादसे के बाद डीजीसीए की टीमें जांच के लिए आई हैं। अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर टीमें अपनी रिपोर्ट महानिदेशक को सौंपेंगी।
15 साल पहले हादसे में चली गई थी कैप्टन की जान
वर्ष 2011 में 29 जुलाई को पायनियर फ्लाइंग क्लब का एक दो सीटों वाला ट्रेनर एयरक्राफ्ट धनीपुर हवाई पट्टी के पास खनगढ़ी गांव के खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हादसे में मुख्य पायलट कैप्टन राकेश ग्रोवर की मृत्यु हो गई थी। विमान उड़ा रहे आंध्र प्रदेश के रहने वाले ट्रेनी पायलट आईपी रेड्डी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विमान ने धनीपुर हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद वह तकनीकी खराबी या नियंत्रण खोने के कारण सीधे खेतों में जा गिरा।
फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूलों के कुछ मुख्य हादसे
24 मई 2026 : पॉयनियर फ्लाइंग क्लब का एक दो सीटों वाला ट्रेनर विमान सुबह नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद इंजन फेल होने या तकनीकी खराबी के संकेत मिलने पर, इंस्ट्रक्टर असद और प्रशिक्षु पायलट क्रुणाल कसाना ने आबादी वाले क्षेत्र से बचाते हुए अलीगढ़ के हरदुआगंज क्षेत्र के चंगेरी गांव के एक खाली खेत में विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इसमें दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित थे।
19 अप्रैल 2026 : पॉयनियर फ्लाइंग एकेडमी का एक सेसना 152 विमान धनीपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान रनवे की सेंटर लाइन से भटक कर असंतुलित हो गया था। महाराष्ट्र नागपुर की एक महिला प्रशिक्षु पायलट इसे सोलो फ्लाइट के तहत उड़ा रही थीं, जो इस हादसे में बाल-बाल बचीं।
4 मई 2025 (डायमंड 40 विमान) : धनीपुर एयरपोर्ट पर ही लैंडिंग के दौरान पॉयनियर फ्लाइंग क्लब के एक प्रशिक्षु पायलट पर्व जैन का संतुलन बिगड़ गया। डायमंड 40 विमान एयरपोर्ट की चहारदीवारी से जा टकराया और करीब 200 मीटर तक रगड़ता चला गया। हादसे में विमान क्षतिग्रस्त हुआ था, लेकिन पायलट सुरक्षित बच गया था।
- 11 जुलाई 2021 : एबींशन फ्लाइंग क्लब का एक सेसना 172 आर विमान लैंडिंग रोल के दौरान विमान का दायां मुख्य लैंडिंग गियर अचानक टूट गया। इसके कारण विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकराया और विमान घिसटते हुए रनवे से बाहर कच्चे में चला गया। इस गंभीर घटना में विमान को काफी नुकसान पहुंचा था, लेकिन छात्र पायलट और फ्लाइट इंस्ट्रक्टर दोनों सुरक्षित बाहर आ गए थे।
27 अगस्त 2019 : धनीपुर हवाई पट्टी पर एयर चार्टर सर्विसेज का एक निजी जेट सेसना साइटेशन 560 एक्सएल- एवीवी दिल्ली से अलीगढ़ आ रहा था। लैंडिंग के वक्त यह विमान बिजली के तारों में उलझकर क्रैश हो गया और बाउंड्री वॉल के पास जाकर उसमें आग लग गई। हालांकि, पॉयनियर फ्लाइंग क्लब के ग्राउंड रेडियो स्टाफ की मदद और क्रू की सूझबूझ से विमान में सवार सभी छह लोग (चार यात्री और दो क्रू) सुरक्षित बचा लिए गए थे।
ट्रक पर लदकर आएगा दुर्घटनाग्रस्त विमान
दुर्घटनाग्रस्त चेतक एविएशन का वीटी एएफबी विमान के पुर्जे अलग-अलग किए जाएंगे। उन पुर्जों को ट्रक पर लादकर एयरपोर्ट तक लाया जाएगा। यह काम तभी होगा जब डीजीसीए की जांच टीमें अपनी जांच पूरी कर लेंगी।
भरोसेमंद माना जाता है वीटी एएफबी
वीटी एएफबी सेसना विमान दुनिया का सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद ट्रेनर विमान माना जाता है। अमेरिकी कंपनी सेसना द्वारा निर्मित यह एयरक्राफ्ट दो सीटों वाला छोटा विमान होता है, जिसमें एक सीट इंस्ट्रक्टर और दूसरी सीट प्रशिक्षु पायलट के लिए होती है। इसके पंख विमान के ऊपर छत पर होते हैं, जिससे पायलट को नीचे की जमीन बहुत साफ दिखाई देती है। यह बुनियादी उड़ान सीखने और लैंडिंग का अभ्यास करने के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।