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अलीगढ़: पति की मौत के मुआवजे के लिए आई महिला हुई बेहोश

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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लगभग 50 वर्षीय विधवा कमलेश देवी शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी कक्ष के बाहर अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हुए बेहोश हो गई। यहां फरियादियों की लंबी लाइन थी, क्योंकि शनिवार और रविवार को दो दिन का अवकाश है। दरअसल, अचानक विधवा की नब्ज की रफ्तार कम हो गई थी। कलेक्ट्रेट कर्मियों की कोरोना जांच के लिए मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत परीक्षण कर उसको होश दिलाया।
इसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। कमलेश के साथ खड़े उसके मौसिया ससुर राकेश कुशवाह ने बताया कि उसके पति की बीती 12 दिसंबर को ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उसके बाद से वह किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये के मुआवजे के लिए परेशान है। धौर्रा टोडकपुर बिजौली उनका गांव है और इलाका लेखपाल उनकी नहीं सुन रहा है। लेखपाल कह रहा है कि ऐसे कुछ नहीं होगा। राकेश ने बताया कि चाहे किसी से पूछताछ करा ली जाए, उनका दुख दर्द सही है। जानकारी मिलने पर एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने मामले की जांच करा कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
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कमलेश जैसे 93 और हैं मजबूर
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में किसान दुघर्टना बीमा योजना लगभग एक वर्ष पहले 14 सितंबर 2019 को लागू हुई थी। जिसमें दुर्घटना से किसान की मौत होने पर पांच लाख रुपये और दिव्यांग होने पर शारीरिक क्षति के आधार पर मुआवजे का भुगतान होता है। बीते एक साल में अकेले अलीगढ़ में इस योजना के तहत 146 लोगों को मृत्यु होने पर पांच लाख और दिव्यांगता लाभ प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 93 दावे स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन धनराशि नहीं होने के कारण भुगतान रुका है। राजस्व परिषद से बीमा भुगतान की धनराशि उपलब्ध कराने को कहा गया है। शासन से धनप्राप्ति होते ही इनका भुगतान किया जाएगा। कमलेश देवी भी इसी कतार की एक विधवा हैं या नहीं..? अभी तक उनको ये भी नहीं मालूम है। कोरोना काल में कामकाज ठप होने से सभी कार्य लेट हो गए हैं, ऐसे कई योजनाओं के आवेदक सरकारी विभागों के धक्के खा रहे हैं। इस योजना के लिए एडीएम प्रशासन कार्यालय नोडल दफ्तर है।
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