रामलीला मैदान पर नगर निगम द्वारा लगा वाटर एटीएम मशीन बंद पड़ा हुआ
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अलीगढ़ शहर में विभिन्न स्थानों पर लगे 8 वाटर एटीएम पिछले तीन वर्ष से खराब पड़े हैं। लेकिन इनका बिजली का बिल हर माह आ रहा है। तीन वर्षों में वाटर एटीएम से पानी की बूंद नहीं टपकी है लेकिन 2.88 लाख रुपये बिजली का बिल निगम पर बकाया हो गया है। ऐसे में सवाल यह है कि सफेद हाथी बने इन वाटर एटीएम को नगर निगम कब तक ढोएगा।
वाटर एटीएम के लिए 3 किलोवाट का कनेक्शन लेकर मीटर लगाए गए थे। एलएमवी-4 श्रेणी में यह कनेक्शन दिए गए थे। इसमें सार्वजनिक और निजी संस्थानों को बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान है। इसमें न्यूनतम बिलिंग 1 हजार रुपये की है। अर्थात वाटर एटीएम चले या न चले 1 हजार रुपये का बिल तो देना ही है। इस तरह आठ एटीएम का मासिक बिल 8 हजार रुपये है। पिछले 36 महीने से वाटर एटीएम बंद पड़े हैं। इस तरह 2.88 लाख रुपये का बिल अब तक विभाग नगर निगम को दे चुका है।
वाटर एटीएम के बारे में बोर्ड बैठक में मुद्दा उठाया था कि यह सही से संचालित क्यों नहीं हो पा रहे हैं। प्रति माह सभी एटीएम का 8 से 10 हजार रुपये का बिजली बिल नगर निगम पर आ रहा है। इसका कोई जवाब नहीं दिया गया। इसकी जांच की मांग अगली बोर्ड बैठक में करेंगे। - कुलदीप पांडेय, पूर्व उप सभापति
वाटर एटीएम पर 80 लाख और इनको इंस्टाल करने पर 2 लाख रुपये खर्च हुए। अब यह अनुपयोगी बने हैं। हर महीने बिजली बिल बकाया बढ़ता जा रहा है। इस पर कोई चर्चा भी करने को तैयार नहीं है। बोर्ड बैठक में मुद्दा उठाया जाएगा। - पुष्पेंद्र जादौन, पूर्व उप सभापति, नगर निगम
वाटर एटीएम को सही कराने के लिए अलग-अलग एजेंसियों से बात चल रही है। अब हम संचालन के साथ ही इनके रखरखाव का काम भी अनुबंध में शामिल करेंगे। जल्द ही इनको सही कराकर जन उपयोग में लाया जाएगा। - पुष्पेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, नगर निगम