अतरौली स्थित कोविड-19 हॉस्पिटल से हटाया गया मेडिकल वेस्ट।
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अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अतरौली एवं हरदुआगंज स्थित कोविड-19 हॉस्पिटल से कोरोना जांच/इलाज से संबंधी मेडिकल वेस्ट (कचरा) हटा लिया गया है। हरदुआगंज में कोरोना संक्रमित कैदियों की निगरानी के लिए तैनात पुलिसकर्मी ने अमर उजाला को धन्यवाद कहा है। वहीं, नगर निगम द्वारा जमालपुर ईदगाह के निकट बायोमेडिकल वेस्ट फेंकने पर एक जर्राह पर पांच हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कोरोना से संबंधित कचरे को दूसरे कचरों से अलग करने के लिए कहा है। अमर उजाला में बृहस्पतिवार के अंक में ‘रोज निकलता है 450 किलोग्राम से अधिक कोरोना से जुड़ा कचरा’ शीर्षक से इस खबर को प्रकाशित किया गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने इसका संज्ञान लिया। अतरौली स्थित कोविड-19 हॉस्पिटल परिसर में छह दिन से पड़ा कचरा हटवा लिया गया। हरदुआगंज में भी पूरा कैंपस साफ-सुथरा दिख रहा है। यहां पर जिला जेल के लक्षणरहित मरीज भर्ती होते हैं। कोरोना संक्रमित कैदियों पर नजर रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया है। उनका कहना है कि पहले ऐसा लगता था जैसे कूड़े के ढेर पर बैठे हों। अधीक्षक डॉ. बृजमोहन ने खाना देने वाली फर्म के कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी मास्क, ग्लब्स तथा अन्य परिधान इधर-उधर नहीं फेंके। बायोमेडिकल वेस्ट को इधर-उधर फेंकने एवं ठीक से निस्तारण नहीं करने पर नगर निगम के अधिकारियों ने जमालपुर ईदगाह के समीप एक जर्राह से पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला है।
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि कोरोना मरीजों से संबंधित सामान एवं उपचार के दौरान इस्तेमाल होने वाले सामानों का उचित निस्तारण की जानकारी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण में दिया गया है। यदि लापरवाही करते हैं तो चेतावनी दी जाएगी। नहीं मानेंगे तो उनके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
काश...अस्पताल के पीछे भी निरीक्षण करते अधिकारी
पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में रोज जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचते हैं। अस्पताल के पीछे के हिस्सों की ओर नहीं झांकता। यहां कोरोना से संबंधित कचरे पर गाय व दूसरे जानवर विचरण कर रहे हैं। यह बेहद खतरनाक स्थिति है और इससे जानवर के माध्यम से संक्रमण फैलने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता।