गर्मी से निजात पाने के लिए बंबा में नहाते बच्चे। संवाद
पिछले चार साल में अलीगढ़ सबसे गर्म रहा। मंगलवार को 44 डिग्री सेल्सियस पर पारा पहुंच गया है। गर्मी के सितम से लोग बेहाल हैं। तेज धूप से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा।मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होने से रात के समय भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी।
दिन चढ़ते ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और दोपहर के समय गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही कम रही। मंगलवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार और बृहस्पतिवार को भी गर्मी से निजात मिलने की संभावना कम दिख रही है। तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
वर्ष 2023 में 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2024 में 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और वर्ष 2025 में 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस था। एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने बताया कि गर्मी और बढ़ेगी।
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भारत में जलवायु आपातकाल : गर्मी का कहर नहीं, नीतियों की मार
अलीगढ़। डीएस कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रभारी प्रो. अवनीश सिंह ने कहा कि दुनिया के सर्वोच्च 100 सबसे गर्म शहरों में से 98 भारत के हैं। पूरा देश एक जलते हुए लाल नक्शे में तब्दील है। यह कोई साधारण लू नहीं है, बल्कि एक ऐसी आपदा है जिसकी जड़ें दो दशक पुरानी नीतियों में छिपी हैं। भूमि पर हरियाली की जगह कंक्रीट के जंगल तैयार हो गए हैं। कागजों पर वन क्षेत्र बढ़ता हुआ दिखाई दिया, जबकि वास्तविक जैव-विविधता से भरपूर जंगल लगातार घटते गए। एक ओर देश के कई हिस्से लू की चपेट में हैं और आम जनजीवन संकट में है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए जा रहे हैं, जो इस आपातकालीन परिस्थिति की संवेदनशीलता से मेल नहीं खाते। छात्रों और शिक्षकों को अत्यधिक तापमान के बीच रैलियों, यात्राओं और बाहरी गतिविधियों में शामिल करने की अपेक्षा न केवल अव्यवहारिक प्रतीत होती है। ब्यूरो
गर्मी से निजात पाने के लिए बंबा में नहाते बच्चे। संवाद