न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जिला पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष विजय सिंह की जीत सुबह 10 बजे ही तय हो गई थी। जीत के अंतर को लेकर जरूर रहस्य बना हुआ था।
गांधीपार्क थाना क्षेत्र के धनीपुर स्थित ठाकुर श्यौराज सिंह के कार्यालय पर सुबह से ही 35 सदस्यों को पहुंचा दिया गया था। कार्यालय पर पहुंचे सदस्यों में से अधिकतर पिछले एक महीने से उत्तराखंड एवं दूसरी जगहों पर थे। इन्हें वातानुकूलित बस से लाया गया। बस में सदस्यों के बैग एवं सामान भी था। एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया स्वयं वहां की कमान संभाले थे।
कार्यालय में किसी बाहरी को प्रवेश की अनुमति नहीं थी। गेट पर पहरेदार तैनात था। फोटो खींचने से मना किया जा रहा था। बस के चालक एवं परिचालकों ने भी किसी तरह की सूचना देने से इंकार कर दिया। कार्यालय से जिला पंचायत सदस्यों को रवाना करने से पहले सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने बाहर का नजारा देखा। बस के आसपास मौजूद लोगों को हटवा दिया।
बेहद सतर्कता से सदस्यों को एक-एक कर बस में बैठाया गया। इसके बाद पर्ची निकाल कर 35 सदस्यों एवं उनके सहयोगियों का मिलान किया गया। कुछ महिला सदस्यों के साथ छोटे बच्चे भी थे। बस को कलेक्ट्रेट रवाना करने के बाद भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह और सुधीर चौधरी की पत्नी अंजू देवी भी गाड़ी से मतदान करने के लिए कलक्ट्रेट रवाना हुईं। इस पूरी कवायद से यह जरूर तय हो गया था कि भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह की जीत तय है। लेकिन जीत के अंतर को लेकर जरूर रहस्य बना हुआ था।
ये लोग भी पहुंचे कार्यालय पर
राज्यमंत्री संदीप सिंह, जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, विधायक अनिल पाराशर, रवेंद्र पाल सिंह, मुकेश लोधी आदि
भाजपा के बागी सदस्य भी थे आगे-आगे
अलीगढ़। भाजपा से बगावत कर वार्ड नंबर 8 से जीतने वाले डॉ. पुष्पेंद्र सिंह लोधी ठा. श्यौराज सिंह के कार्यालय पर आगे-आगे नजर आ रहे थे। सदस्यों को बस में बैठाने के समय वह सबकी मदद कर रहे थे। पुष्पेंद्र सिंह लोधी ने भाजपा नेता राजेश भारद्वाज की बहू एवं भाजपा समर्थित प्रत्याशी खुशबू भारद्वाज को हराया था।