पनैठी के पास की नगर निगम को सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट निर्माण के लिए दी गई भूमि पर विश्वविद्यालय निर्माण के लिए चिन्हित भूमि में कनेक्टिविटी का पेंच फंस गया है। एसडीएम कोल द्वारा शुक्रवार को किये गए निरीक्षण के दौरान उक्त भूमि से हाइवे के बीच किसानों की जमीन आ रही है। अब प्रशासन समस्या का हल ढूंढने में जुट गया है।
शुक्रवार को डीएम के आदेश पर एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने तहसील की टीम के साथ विश्वविद्यालय के लिये चिन्हित भूमि का दौरा कर नापजोख कराई। इस दौरान कुल भूमि करीब 23 एकड़ निकली। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह रही कि यह भूमि हाइवे से करीब 24 मीटर दूर निकली। इस बीच कोई सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं पायी गई। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने स्वीकार किया कि चिन्हित भूमि को हाइवे से जोड़ने के लिए कोई सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है।
यूनिवर्सिटी का मुख्य द्वार हाइवे पर लाने के लिए 24 से 30 मीटर भूमि अधिग्रहीत करने की आवश्यकता है। इस मामले में विचार किया जा रहा है। इस मौके पर टीम के साथ विश्वविद्यालय संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष व पास के गांव अलहदादपुर के प्रधान पति अर्जुन सिंह भोलू, अमित गोस्वामी एवं अन्य छात्र नेता मौजूद रहे।
अन्य भूमियों पर भी मंथन
एसडीएम कोल ने बताया कि विकल्प के तौर पर विश्वविद्यालय निर्माण के लिए एक अन्य गांव की करीब 150 से 200 बीघा जमीन की जानकारी मिली है। लेकिन इसमें अड़ंगा यह है कि यह पशुचर भूमि है। नियमानुसार पशुचर भूमि का इस्तेमाल किसी अन्य काम में नहीं किया जा सकता है।