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Aligarh: थाने से ठगी के आरोपी को छोड़ने पर हंगामा, एसएसपी ने दो दरोगा किए लाइन हाजिर

Sun, 31 Jul 2022 01:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़

सार

एसएसपी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। साथ में पूरे मामले की जांच सीओ द्वितीय को सौंपी है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अनुसार मामले में आरोपी पर दस्तावेजों में आरोप साबित हो रहे हैं।
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ठगी के आरोपी को छोड़ने पर दो दरोगा लाइन हाजिर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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महुआ खेड़ा थाने से कई लोगों से ठगी के आरोपी को छोड़ने वाले दो दरोगाओं को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों दरोगाओं पर कुछ गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में पीड़ितों की पैरोकारी में गए भाजयुमो उपाध्यक्ष से अभद्रता तक गई। उन्होंने दरोगाओं के खिलाफ लिखित शिकायत की है। इंस्पेक्टर ने पूरे मामले में एसएसपी को रिपोर्ट भेजी, जिस पर यह कार्रवाई हुई है और सीओ द्वितीय को मामले की जांच सौंपी गई है।

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वाकया शुक्रवार दोपहर से शुरू हुआ। धनीपुर मंडी के आढ़ती वेदप्रकाश सिंह के अलावा संतोष व अजय कुमार ने पिछले दिनों मूल रूप से अटा दादों हाल धनीपुर के मनोज यादव पर लाखों रुपये की ठगी के मुकदमे दर्ज कराए, जिनमें लाखों रुपये जमीन के लिए चेक के माध्यम से ठगने का आरोप लगा था।

शुक्रवार दोपहर मनोज को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। इस खबर पर पीड़ित पक्ष व उनके समर्थन में भाजयुमो उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी बल्देव चौधरी, जय यादव, तनिष्क प्रताप सिंह आदि भी पहुंच गए। देर शाम तक पूछताछ व वार्ता के बाद इंस्पेक्टर के थाने से हटते ही मनोज को छोड़ दिया गया। इस मामले में इंस्पेक्टर की बिना अनुमति या सहमति से छोड़ने का आरोप दरोगा हृदेश कुमार व रविंद्र सिंह पर लगा।
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मनोज को छोड़े जाने पर जब भाजयुमो नेता अमित गोस्वामी ने एतराज जताया तो उनसे दरोगाओं ने अभद्रता की। इसको लेकर देर रात तक पीड़ित व समर्थक नेता थाने में बैठे रहे। रात एक बजे अमित ने अपनी ओर से अभद्रता के संबंध में लिखित शिकायत दी। वहीं, इंस्पेक्टर ने पूरे मामले में एसएसपी को लिखित रिपोर्ट भेजी, जिसमें दोनों दरोगाओं पर बिना सहमति छोड़ने और भूमिका पर सवाल उठाते हुए साठगांठ के गंभीर आरोप लगे हैं। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है। छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये लेने की बात कही गई है।

एसएसपी ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए दोनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। साथ में पूरे मामले की जांच सीओ द्वितीय को सौंपी है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अनुसार मामले में आरोपी पर दस्तावेजों में आरोप साबित हो रहे हैं। अन्य मुकदमे भी हैं। हालांकि उसे धारा 41 का नोटिस तामील कराकर छोड़ा गया है। मगर भूमिका पर सवाल हैं। इस मामले में आरोपी मनोज पर गैंगस्टर की तैयारी है।

कोतवाल की कुर्सी पर बैठने का आरोप

यह बात खुद पीड़ित पक्ष के लोगों ने बताई कि शुक्रवार को मनोज को छोड़ने पर जब उन्होंने एतराज जताया और हंगामे की खबर पर कोतवाल थाने वापस आए तो एक दरोगा उनकी कुर्सी पर पहले से बैठा था। वह कोतवाल के आने पर कुर्सी से नहीं हटा। यहां तक कहा कि 'मैंने छोड़ दिया, अब क्या करोगे?'

 इस प्रकरण में थाने लाकर पीड़ित पक्ष की मौजूदगी में बिना इंस्पेक्टर से विमर्श किए छोड़ना सवाल खड़े कर रहा है। दोनों दरोगा लाइन हाजिर किए गए हैं। बाकी आरोपों की सत्यता के लिए जांच सीओ को सौंपी गई है। उस पर आगे कार्रवाई तय होगी।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी

परचून की दुकान से शराब बिकने पर दरोगा सहित चार लाइन हाजिर

गभाना की वीरपुरा चौकी के प्रभारी दरोगा विनोद कुमार, हैड कांस्टेबल कुशलपाल, सिपाही प्रमोद व रवि कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में पिछले दिनों परचून की दुकान से शराब बिकने की शिकायत मिली थी। जांच में यह शिकायत सही पाई गई और शराब पकड़ी गई। मामले में चारों की भूमिका को देखते हुए लाइन हाजिर किया गया है।

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