फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : स्कूल से लौटते दो बच्चे अगवा, चंद घंटों में बरामद

विज्ञापन
पुलिस हिरासत में बच्चों का अपहरण करने के आरोपी। संवाद
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गांव बाजौता के किसान परिवार के दो बच्चे शुक्रवार दोपहर अगवा कर लिए गए। रंजिशन हुई इस वारदात की खबर पर हरकत में आई पुलिस ने चार घंटे के प्रयास के बाद दोनों बच्चे सकुशल बरामद कर दो अपहरणकर्ता गिरफ्तार कर लिए हैं। खास बात है कि इन बच्चों को अपहरण कर घरबरा के जंगल में रखा गया था। मगर पुलिस घेराबंदी जब शुरू हुई तो आरोपी इन्हें यहां से निकालकर नहीं ले जा सके।
विज्ञापन

पुलिस को सूचना दी गई थी कि गांव बाजौता निवासी किसान सुरेश कुमार का 6 वर्षीय पुत्र कन्हैया श्रीजी पब्लिक स्कूल जट्टारी में पहली कक्षा में पढ़ता है। सुरेश के भाई करण का बेटा 6 वर्षीय अंकित दनकौर देवी स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। दोनों एक साथ आते-जाते हैं। शुक्रवार दोपहर कन्हैया व अंकित छुट्टी होने के बाद स्कूल वैन से बाजौता बस स्टैंड पर आ गए।
जहां स्कूल वैन ने उन्हें उतार दिया। वे यहां से गांव जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी गांव का अरविंद उर्फ बेटा व नरेश वहां आए और दोनों बच्चों को फुसलाकर अपनी कार में बैठाकर ले गए। किसी ग्रामीण के जरिये सुरेश को खबर मिली कि दोनों बच्चों को अरविंद अपनी कार से ले गया है। इस पर उन्होंने अरविंद को फोन किया तो कहा कि बच्चे अब वापस नहीं आएंगे। चूंकि सुरेश की अरविंद से खुन्नस चल रही है। इस पर उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दे दी।
विज्ञापन

दो चचेरे भाइयों के अपहरण की खबर पर तत्काल पुलिस हरकत में आ गई। एसपी ग्रामीण शुभम पटेल, सीओ खैर इंदु सिद्धार्थ व एएसपी पुनीत द्विवेदी (थाना प्रभारी टप्पल) ने थाना पुलिस व एसओजी टीम के साथ मिलकर चंद घंटों में ही घरबरा गांव के जंगल से दोनों बच्चों को कार सहित सकुशल बरामद कर लिया।
दोनों आरोपी भी दबोच लिए गए। इस दौरान पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि सुरेश से अरविंद ने एक जमीन से जुड़े व्यापार में करीब 90 हजार रुपया उधार लिया था। वह रुपया वापस नहीं मिल पा रहा था। इसे लेकर दोनों पक्षों में कई बार तनातनी हुई थी।
आरोप है कि सुरेश ने बेइज्जती कर दी। इसी खुन्नस में बदले की भावना से सुरेश पर दबाव बनाने के इरादे से इस घटना को अंजाम दिया था। एएसपी/इंस्पेक्टर टप्पल पुनीत द्विवेदी के अनुसार चार घंटे के प्रयास में ही बच्चे बरामद किए गए हैं। इन बच्चों को महज रुपयों के विवाद को लेकर चल रही रंजिश में दबाव बनाने के इरादे से किया गया था। दोनों को जेल भेजा गया है।
80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज चेक किए, 250 से की पूछताछ
दोनों मासूमों की सकुशल बरामदगी के लिए सक्रिय हुई पुलिस, सर्विलांस व स्वाट की टीम शुक्रवार की दोपहर जानकारी मिलते ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में लग गई। अन्य टीमें अपहरणकर्ताओं के बारे में पता लगाने के लिए लोगों से पूछताछ में जुट गई।
250 से अधिक लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस कई गली-मोहल्लों को खंगाल रही थी, तभी कुछ व्यक्तियों से यह जानकारी मिली कि एक संदिग्ध कार घरबरा के जंगलों की ओर गई है। पुलिस टीम ने घरबरा के जंगल में घेराबंदी की, जहां से कार समेत दोनों अपहरणकर्ता और अपहृत बरामद हो गए।
किसी की गाड़ी मांग कर लाया था अरविंद
इस घटना को अंजाम देने के लिए अरविंद ने अपने किसी परिचित से सिल्वर रंग की कार मांगी थी। चूंकि अरविंद के पास अपनी गाड़ी नहीं है और वह गाड़ी से बच्चों को लेकर गया तो लोगों की नजर उस पर पड़ गई। इसीलिए आसानी से पुलिस को यह जानकारी मिली कि अरविंद गाड़ी लेकर किधर गया है। इस दौरान उसने अपने साथ नरेश को घटना को अंजाम देने के लिए बुलाया था। अरविंद पर पहले से एक मारपीट का मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें