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अलीगढ़ : दो गोली सीने में और एक गोली गर्दन में लगी थी सचिन के

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पिसावा में सोमवार को जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एडवोकेट के भतीजे सचिन की हत्या के बाद मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम में सचिन के शरीर में तीन गोलियां पाई गई हैं। दो गोली सचिन के सीने में लगी हैं, एक गोली गर्दन में लगी है। गोलियां 12 बोर और 15 बोर के तमंचे से मारी गई हैं। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि सचिन के ऊपर एक साथ दो लोगों ने गोलियां चलाई। जो गोली गर्दन में लगी है वह 15 बोर की है। सीने में 12 बोर की गोलियां लगी हैं। एक गोली सीने में ऐसी जगह लगी है, जिससे उसका हॉर्ट बर्स्ट हो गया।
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पूर्व चेयरमैन सहित चार नामजद
हत्याकांड में मृतक सचिन की पत्नी सीमा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें चार लोग नामजद हैं, जबकि दो अज्ञात में दर्ज हैं। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनमें पिसावा के दमुआका निवासी राजू पुत्र भागचंद, गजेंद्र पुत्र भागचंद, आकाश पुत्र मनवीर निवासी जट्टारी टप्पल और मनवीर पुत्र किशन सिंह निवासी जट्टारी टप्पल शामिल हैं। इसके अलावा दो अज्ञात हैं। मनवीर पूर्व चेयरमैन हैं। एफआईआर में कहा गया है कि 2 दिन पहले उसके पति ने बताया था कि पूर्व चेयरमैन मनवीर उसकी हत्या की योजना बना रहा है। मनवीर के गनर के यहां कुछ बदमाश भी आकर रुके हैं ।
सीओ के नेतृत्व में एसआईटी जांच करेगी: एसएसपी
सचिन हत्याकांड में एसएसपी मुनिराज जी ने बताया पिसावा के गांव बिजलियां में सोमवार को दमुआका का रहने वाला सचिन कुछ दवाएं खरीदने आया था। यहीं पर हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज चेक किए हैं। मृतक पक्ष की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि दो अज्ञात हैं। जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है उसमें एक पूर्व चेयरमैन भी हैं। मृतक के ऊपर भी आठ मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में दोनों पक्ष एक दूसरे के ऊपर मुकदमे दर्ज कराते रहें हैं। सीओ के नेतृत्व में इस मामले में एसआईटी गठित कर दी है। वह इस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
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मनवीर के बेटे का पर्चा निरस्त करवाने पर शुरू हुई दुश्मनी
मारे गए सचिन और पूर्व चेयरमैन मनवीर के परिवार के बीच जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में एक पर्चा निरस्त कराने को लेकर दुश्मनी शुरू हुई थी। सचिन के पिता वीरपाल सिंह ने मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बताया कि मनवीर का बेटा एक बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहा था और उनका छोटे भाई भी चुनाव लड़ रहा था। मनवीर के बेटे ने चुनाव कार्यालय में जो दस्तावेज दाखिल किए, उनमें गड़बड़ी थी। उनके छोटे भाई ने गड़बड़ी प्रशासन में जाहिर कर दी। इसके बाद से ही मनवीर पक्ष उनके परिवार से दुश्मनी मानने लगा था।
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