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अलीगढ़ : नेत्रपाल हत्याकांड में दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

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पुलिस गिरफ्त में हरदुआगंज क्षेत्र में हुई हत्या के आरोपी। - फोटो : CITY OFFICE
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हरदुआगंज क्षेत्र के गांव कोंडरा में सोमवार रात बाइक हटाने को लेकर हुए हत्याकांड में पुलिस ने एक नामजद समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। वहीं इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने वाला हिस्ट्रीशीटर व उसका भाई अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इस घटना में गोली लगने से घायल हुए मृतक के पिता की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। एहतियातन, गांव में पुलिस तैनात है।
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एसपी देहात अतुल शर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि चार दिन पूर्व कोंडरा गांव में नेत्रपाल सिंह व उसके पिता गिरीश कुमार सिंह पर रास्ते में खड़ी बाइक हटाने के विवाद में फायरिंग की गई थी। जिसमें नेत्रपाल की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि पिता गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। इस मामले में मृतक के बडे़ भाई दीपक की ओर से पड़ोसी गांव के लक्ष्मण, शंकर व बबलू समेत एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। बीती रात पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कोंडरा चौराहे से नामजद लक्ष्मण पुत्र लाल सिंह व मान सिंह पुत्र गेंदालाल की घेराबंदी कर बाइक समेत दबोच लिया। दोनों आरोपियों को बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिया गया। वहीं इस हत्याकांड को अंजाम देने वाला हिस्ट्रीशीटर शंकर पुत्र रामस्वरूप व उसका बड़ा भाई बबलू अभी फरार हैं। बता दें कि शंकर पर गाजियाबाद जिले के साथ नेपाल में भी आपराधिक मामला दर्ज है जिसमें वह जेल रह चुका है।
विशाल हत्याकांड के तीनों आरोपी जेल भेजे
एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि खानदानी बहन से प्रेम संबंधों में बाधक बन रहे दोस्त को मौत के घाट उतारने वाले औरंगाबाद गांव के तीनों आरोपियों जीतन उर्फ जीतू पुत्र रोदास सिंह, रोहित पुत्र गुड्डा व गौरव पुत्र वीरपाल को बृहस्पतिवार दोपहर जेल भेज दिया। आरोपियों के चेहरे पर दोस्त की हत्या करने व जेल जाने की कोई शिकन नहीं थी। शक के आधार पर परिजनों ने दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। बता दें कि औरंगाबाद गांव निवासी आरोपी जीतन अपने बचपन के दोस्त विशाल के परिवार की बहन को चाहता था जिसका विशाल विरोध करता था। इसी बात पर जीतन ने अपने दोस्त रोहित व गौरव के साथ मिलकर विशाल को मंगलवार दोपहर मौत के घाट उतार दिया।
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वहीं मंगलवार दोपहर से विशाल के लापता होने पर परिजनों ने उसे तलाशना शुरू कर दिया। रोहित के घायल हाथ को देखकर शक के आधार पर बुधवार सुबह विशाल के परिजन आरोपी जीतन व रोहित को पकड़कर थाने ले गए, जहां पुलिस के समाने आरोपियों ने विशाल हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुऐ शव बरामद कराया और तीसरे साथी को पकड़वाया।
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