श्रेष्ठा को परिवार से मिली लॉ करके सिविल सर्विसेज की प्रेरणा
सीबीएसई 12वीं में जिला टॉपर (98.8 फीसदी) श्रेष्ठा पांडेय अपने परिवार की प्रेरणा की बदौलत लॉ करके सिविल सर्विसेज करना चाहती हैं।
जीटी रोड स्थित आवास विकास कॉलोनी निवासी श्रेष्ठा ने बताया कि बाबा एसडीएम के पद से रिटायर्ड हुए थे। मामा ज्वाइंट कमिश्नर हैं। पिता नीरज पांडेय प्रयागराज के कौशांबी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जब परीक्षा परिणाम सीबीएसई जारी कर रहा था, तब वह दिल्ली में लॉ की प्रवेश परीक्षा दे रही थीं। परीक्षा के बाद नंबर देखकर काफी खुशी हुई। जब अमर उजाला ने जानकारी दी कि वह जिले में सर्वश्रेष्ठ नंबर लाई हैं तो पूरा परिवार खुशी से उछल पड़ा। जबकि श्रेष्ठा क्लैट पास कर चुकी हैं। माता निशा पांडेय ग्रहणी हैं।
डॉक्टर बनकर समाजसेवा करने में है अनुष्का की रुचि
98.4 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली श्याम नगर निवासी संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की अनुष्का जुनेजा की रुचि डॉक्टर बनकर समाजसेवा करने में है। अनुष्का ने बताया कि वह एमबीबीएस की तैयारी कर रहे हैं। पिता विनोद जुनेजा क्वार्सी चौराहे पर ओपी इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से प्रतिष्ठान चलाते हैं। माता मीनू जुनेजा ग्रहणी हैं। बड़ी बहन आरुषी एमबीए की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर बनने का सपना तो बचपन का है। वहीं, कोरोना के चलते जिस प्रकार डॉक्टरों की सेवा रही, उससे और भी प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि डॉक्टर बनने के लिए वह दिन-रात मेहनत कर रही हैं।
न्यायिक अथवा प्रशासनिक सेवा में जाने का है कशिश का इरादा
98.4 फीसदी अंक लाकर जिले के दूसरे स्थान पर आने वाली जनकपुरी निवासी संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा कशिश गोयल न्यायिक अथवा प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि फूफा आईएएस अधिकारी हैं, उनसे काफी प्रेरणा मिली है। जबकि पिता नीरज गोयल का जीटी रोड पर मसूदाबाद बस स्टैंड के पास जट्टारी ऑटो सेल्स नाम से शोरूम है। मां पूजा गोयल ग्रहणी हैं। छोटा भाई कार्तिक गोयल कक्षा सात में पढ़ रहा है। बता दें कि कशिश ने क्लैट पास कर लिया है। लड़कियों की कैटेगरी में कशिश ने ऑल इंडिया में 511वीं रैंक हासिल की है।
माता-पिता से मानवी को मिली प्रशासनिक सेवा की प्रेरणा
98.4 फीसदी ही अंक पाकर कृष्णा विहार रेलवे कालोनी निवासी ब्रिलिएंट पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा मानवी सिंघल ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। मानवी ने कहा कि पिता मुकेश कुमार सिंघल की प्रेरणा से वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि पिता माध्यमिक शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं। जबकि मां राधारानी बेसिक शिक्षा विभाग के जवां स्थित पीएस हेतमपुर में शिक्षिका हैं। छोटा भाई दक्ष सिंघल कक्षा आठ में पढ़ रहा है। मानवी ने बताया कि घर में माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। इसीलिए उन्होंने बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा दी है। मानवी का कहना है कि वह अपने माता-पिता के सपनों को साकार करने में ही दिलचस्पी रखती हैं।
बिजनेस में कामयाब होना चाहती हैं आस्था अग्रवाल
98.2 फीसदी अंक पाकर जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली संत फिदेलिस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा टीकाराम बिल्डिंग निवासी आस्था अग्रवाल भविष्य में बिजनेस करना चाहती हैं। आस्था ने बताया कि बचपन से ही उन्हें चीजों को मैनेज करने और वस्तुओं को व्यवस्थित करने में दिलचस्पी है। पिता विनय अग्रवाल मामू भांजे में नवीन प्रिंटिंग प्रेस चलाते हैं। उन्होंने बताया कि पिता के बिजनेस को देखकर ही प्रबंधन करने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने बताया कि मां सीमा अग्रवाल ग्रहणी हैं। जबकि बड़ा भाई अपूर्व अग्रवाल ने बीबीए किया है। वह भी बिजनेस करने की तैयारी में हैं।
अभी बदल सकते हैं मेधावी, कई विद्यालयों के जारी नहीं हुए परिणाम
सीबीएसई ने शुक्रवार को कुछ विद्यालयों के रिजल्ट जारी नहीं किए हैं, क्योंकि संशोधन प्रक्रिया में स्कूल प्रबंधन को दोबारा से सही करके नंबर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि जिले में कुल 12 स्कूल सीबीएसई से संबद्ध हैं। सीबीएसई कोआर्डिनेटर व दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल आरती निगम ने बताया कि एचआर इंटरनेशनल स्कूल ने फोन करके बताया है कि उनका रिजल्ट नहीं आया है। जबकि सीबीएसई ने भी सर्कुलर जारी कर दिया है कि जिन विद्यालयों का रिजल्ट रह गया है। वह चिंता नहीं करें, जल्द ही बचा हुआ परिणाम जारी कर दिया जाएगा। जिस प्रकार तय समय सीमा के चलते जारी कुछ विद्यालयों का रिजल्ट जारी नहीं हुआ। उन्हें अब दोबारा से जारी होने वाले रिजल्ट का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में अभी जिला स्तर के मेधावियों की सूची में भी फेरबदल होने की संभावना है।