थाना बन्नादेवी क्षेत्र के मसूदाबाद स्थित एक होटल में साझीदार संचालक ने लॉकडाउन के दौरान कर्ज लेकर कर्मचारियों का भुगतान किया। अब जब उसने अपने अन्य साझीदारों से अपने हिस्से के रुपये रुपये मांग लिए तो दो साझीदारों ने उसके साथ मारपीट कर, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और होटल की सीढ़ियों से फेंक दिया। पूरी घटना होटल के सीसीटीवी में कैद हो गई है। मगर पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। मामले में एसएसपी से शिकायत की गई है।
मडराक के गांव शाहपुर निवासी नितेश तोमर ने लॉकडाउन से पूर्व फरवरी में अपने दो साझीदारों के साथ मसूदाबाद स्थित एक होटल को किराए पर लिया था। जिसमें नितेश को स्टाफ व अन्य बाजार वेंडर्स का भुगतान करने का भार सौंपा गया। उसने अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र गिरवी रखकर 50 हजार रुपये कर्ज लेकर लॉकडाउन में सभी का हिसाब किया। होटल की आय को उसके दोनों साझीदार अपने पास रखते रहे। अब जब नितेश ने हिसाब करने को कहा तो वह दोनों हिसाब में आनाकानी करने लगे। 4 सितंबर को नितेश को दोनों साझीदारों ने होटल के ऑफिस में बुलाया और कहा कि हम तुम्हें होटल में साझीदार नहीं रख रहे। जब उसने कर्मचारियों व अन्य लोगों को दिए भुगतान के 50 हजार मांगे तो दोनों ने उसके साथ गाली गलौज करते हुए गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और होटल की सीढ़ियों से फेंक दिया, जिसमें उसके चोट आई है।
साझीदारों द्वारा नीतीश के साथ की गई घटना होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। पीड़ित ने मसूदाबाद बस स्टैंड चौकी के तत्कालीन चौकी प्रभारी से लिखित शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें सुबह आने की कह कर टरका दिया। थाने पर भी सुनवाई नहीं हुई। अब उसने एसएसपी के यहां शिकायत दी है।