अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एडवांस्ड वीमेंस स्टडी सेंटर के तत्वावधान में छात्राओं के लिए व्यक्तित्व विकास एवं क्षमता निर्माण पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कुशल रिसोर्स पर्संस ने छात्राओं को अपने क्षेत्रों में प्रगति करने, बेहतर रोजगार के लिए तैयारी करने, समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने और करियर की बुलंदी को प्राप्त करने का आह्वान किया।
छात्राओं को व्यक्तिगत क्षमता निर्माण, पेशेवर करियर कौशल, डिजिटल साक्षरता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग और नौकरी के लिए समय पर आवेदन करने जैसे मामलों के लिए स्वयं को तैयार करने का परामर्श दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. हमीदा तारिक ने कहा कि समान अवसर प्रदान करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की मानसिकता से ही लैगिंग समानता पर आधारित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। विश्व को और अधिक महिला नेताओं की आवश्यकता है, जो अपने सशक्त नेतृत्व से अन्य महिलाओं को आगे आने और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकें।
विमेंस स्टडी सेंटर की पूर्व निदेशक प्रोफेसर शीरीन मूसवी ने कहा कि महिलाओं को रोजगार पाने से रोकने वाली रूढ़ियां और सांस्कृतिक पूर्वाग्रह लगातार समाप्त हो रहे हैं और समाज में कामकाजी महिलाओं केे प्रति आदर बढ़ रहा है। परंतु अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं से आत्मनिर्भर और निडर बनने का आग्रह किया।
सोशल साइंस फैकल्टी के डीन प्रोफेसर निसार अहमद खान ने कहा कि कार्यशाला में होने वाले विचार-विमर्श से छात्राओं को समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन और संचार जैसे कौशल को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह छात्राओं को अपने साथियों के साथ बेहतर संबंधों के लिए पारस्परिक कौशल का अभ्यास करने और महत्वपूर्ण विचारों और क्रिया बिंदुओं के महत्व को साझा करने में भी मदद करेगा।
केंद्र की निदेशक प्रो अजरा मूसवी ने बताया कि ये ऑनलाइन कार्यशालाएं महामारी के दौरान जब सभी शैक्षिक गतिविधियां रुक गई हैं, छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं। कार्यक्रम में 250 छात्राओं ने भाग लिया तथा अपने विचार भी व्यक्त किए।