अलीगढ़ टेंट व्यापारी एसोसिएशन ने कम से कम 500 लोगों के साथ मांगलिक कार्य करने की मंजूरी की मांग बुलंद कर दी है। इस संबंध में आठ सितंबर पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कर आंदोलन छेड़ जाएगा। गौर हो कि केंद्र सरकार ने हाल ही में 100 लोगों के साथ मांगलिक कार्य करने की अनुमति दी है। लेकिन कारोबारी 500 लोगों तक कार्यक्रम करने की अनुमति चाह रहे हैं। एसोसिएशन का दावा है कि छह महीने में इस कारोबार से जुड़े जिले के लगभग 2800 कारोबारियों को 133 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कई कारोबारियों के सामने गुजारा करने के लिए व कारीगरों को देने के लिए पैसे तक नहीं हैं।
अलीगढ़ टेंट व्यापारी एसोसिएशन की बैठक शनिवार को सासनीगेट स्थित ज्ञान गेस्ट हाउस में हुई। चेयरमैन संजय मल्होत्रा ने कहा कि शादी विवाह आदि मांगलिक कार्य करने वालों का व्यापार लाकडाउन के कारण छह महीने से बंद है। अधिकांश उद्योग व्यापार पूर्ण रूप से खोल दिए गए हैं लेकिन ये व्यापार सीमित संख्या के दायरे में कर दिया गया है, जो न्यायोचित नहीं है। व्यापारियों ने कहा है कि वह सरकार के दिशा-निर्देश पर ही काम करना चाहते हैं। लेकिन बड़े स्थानों पर 500 लोगों का कार्यक्रम करने की अनुमति दी जाए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगा ने कहा कि पूरे देश में टेंट से संबंधित कार्य करने वाले भुखमरी के कगार पर हैं। प्रदेश के टेंट एवं अन्य संबंधित लोगों का समूह 8 सितंबर को आंदोलन की प्रथम शृंखला में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेगा। अगर सरकार ने मांगों को अनदेखा किया तो सबसे पहले सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद आगे की रणनीति तय होगी। संचालन महामंत्री योगेश वार्ष्णेय ने किया। बैठक में कोषाध्यक्ष राजीव माहेश्वरी, राकेश बजरंगी, ज्ञानेश अग्रवाल केटर्स, मुन्ना लाल हलवाई, अमित वार्ष्णेय, फन्नू भाई आदि मौजूद रहे।
2800 कारोबारियों को अब तक 133 करोड़ रुपये का नुकसान
- 500 हलवाई और कैटर्स 25 करोड़ रुपये
- 400 से ज्यादा फ्लावर डेकोरेटर्स को 10 करोड़ रुपये
- 150 से ज्यादा साउंड एवं डीजे म्यूजिकल पार्टी 08 करोड़ रुपये
-150 से अधिक बैंड वाले को 05 करोड़ रुपये
- 250 बैंक्वेट हॉल 40 करोड़ रुपये
- 400 फोटोग्राफर, डीवीडी, वीडियो बनाने वाले 10 करोड़ रुपये
- 600 लाइट्स और जनरेटर को 20 करोड़ रुपये
- 350 टेंट कारोबारियों को 15 करोड़ रुपये