जिला पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी ने जिलाध्यक्ष गिरीश यादव के नेतृत्व में तहसील कोल पर धरना-प्रदर्शन किया। सपाइयों ने जेसीबी पर चढ़कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया।
इस दौरान सपा नेताओं की पुलिस से जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस ने सपाइयों को तितर-बितर करने के लिए लाठियां भी फटकारीं। वहीं, पुतला फूंकने के मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख तेजवीर सिंह सहित सात सपाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, इसमें जेसीबी का चालक भी शामिल हैं। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कोल को सौंपा गया।
समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद सालिम ने बताया कि पंचायत चुनाव में हुई धांधली के विरोध में प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया। पुतला फूंकने के बाद पुलिस ने निवर्तमान ब्लाक प्रमुख तेजवीर सिंह अमरपाल सिंह ठाकुर आदित्य जुनूनी, हृदयेश यादव, ललित सिंह, अरविंद यादव, जेसीबी चालक सलमान को हिरासत में ले लिया। सपाइयों का आक्रोश और न भड़के, इसके चलते सभी को थाना गभाना ले जाया गया। बाद में सभी को शांति भंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
इससे पहले वर्तमान ब्लाक प्रमुख तेजवीर सिंह की क्षेत्राधिकारी प्रथम राघवेंद्र सिंह से नोकझोंक हुई। इस दौरान सपा नेता सलमान शाहिद अपने समर्थकों सहित थाने पर पहुंच गए। सलमान शाहिद ने चेतावनी दी कि पुलिस सत्ताधारी पार्टी का एजेंट बनकर काम न करे। छह महीने में सब कुछ बदल जाएगा।
सपाइयों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं को डिवाइडर से दूसरी ओर फेंक दिया, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने केवल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रोका गया था। इस दौरान जीटी रोड पर डिवाइडर के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। भीषण गर्मी में जाम में फंसे लोग बिलबिला कर रह गए। प्रदर्शन के बाद पुलिस को यातायात सामान्य करने में खासी कवायद करनी पड़ी।
शांति भंग के चलते समाजवादी पार्टी के साथ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
- मोहसिन खान, क्षेत्राधिकारी पुलिस