न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सर सैयद डे के अवसर पर सभी विद्यार्थियों और अलीग बिरादरी को बधाई देते हुए कहा कि सर सैयद के सिद्धांतों पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि सर सैयद ने एक ऐसे समय में समाज को प्रगति की राह दिखाई, जब लोग सदियों पुराने अंधेरों में भटक रहे थे। उन्होंने आधुनिक समाज के लिए आधुनिक शिक्षा के महत्व को समझा और उसको साकार करके दिखाया।
कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि शिक्षा वह माध्यम है, जिसके द्वारा समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग भी अपने को विकसित करके समकक्ष खड़ा कर सकते हैं। सर सैयद द्वारा स्थापित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर चुके ऐसी महान हस्तियां हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा के माध्यम से उपलब्धियां हासिल कीं। ऐसे व्यक्तियों ने अपने साथ-साथ समाज और दुनिया को भी गति और दिशा देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान भी विश्वविद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों को अधिक से अधिक सुचारु रखने का प्रयास किया गया। सर सैयद की भी यही ख्वाहिश थी कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षा ग्रहण करने का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दरवाजे सभी धर्मों संप्रदायों के विद्यार्थियों के लिए समान रूप से खुले हैं। इसी के चलते इस संस्था का स्वरूप महान हो जाता है।