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अलीगढ़ : छह अदावतों में तलाशे सुराग, एक में छिपा मिला हत्या का राज

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सीमेंट कारोबारी संदीप गुप्ता की हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अलीगंज के लोग। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
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अलीगढ़। लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता की हत्या की तीन मूल वजहें हो सकती हैं। पुरानी या पारिवारिक रंजिश, व्यापारिक रसूख, रंगदारी। मगर कारण क्या हैं? कौन करा सकता है? इन सवालों के जवाब तलाशते हुए मंगलवार देर रात पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। जिसके आधार पर पुलिस खुलासे की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस हत्या को पारिवारिक रंजिश से जुड़ी अदावत में अंजाम दिलाया गया है और हरियाणा के शूटरों के शामिल होने का अंदेशा है। दिन भर के प्रयास के बाद पुलिस ने संदीप से जुड़ी छह अदावतों को चिह्नित कर काम शुरू किया तो शाम होते होते यह सफलता हाथ लगी। अब पुलिस ने उन दोनों शूटरों के फोटो जारी कर उनकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

 



24 घंटे में पुलिस टीमों ने खंगाली संदीप से जुड़ीं अदावतें
पश्चिमी यूपी के बड़े कारोबारी की हत्या के बाद जिला पुलिस बेहद दबाव में है। साथ में एटा में जिस कदर तनाव पनपा हुआ है, उसकी वजह से अलीगढ़ पुलिस और ज्यादा दबाव में है। मगर पुलिस एक-एक कदम फूंक फूंककर रख रही है। खुद डीआईजी दीपक कुमार व एसएसपी कलानिधि नैथानी एक-एक बिंदु की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत की अगुवाई में सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय, सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व में पांच टीमें खुलासे में लगाई गई हैं। परिवार के सदस्यों से बातचीत, साथ रहने वालों से पूछताछ के जरिये पुलिस ने अब तक संदीप से जुड़ी उन अदावतों पर काम किया, जिनकी वजह से हत्या हो सकती है। इनमें पिछले 24 घंटे में पुलिस टीमों ने छह अलग अलग अदावतों को चिह्नित किया है। अब यह अध्ययन किया जा रहा है कि इन अदावतों में से कौन से ऐसे लोग हैं जो हत्या कराने तक का कदम उठा सकते हैं। इसके साथ ही शूटरों तक पहुंचने के लिए एक टीम को आगरा भेजा है। कुछ टीमें उन अलग-अलग जिलों में भेजी गई हैं, जहां संदीप के व्यापार के मुख्य केंद्र हैं। एक टीम को इन सभी अदावतों से जुड़े लोगों, उनके करीबियों, उनके आपराधिक रिश्तों आदि को सूचीबद्ध करने के लिए लगाया गया है।

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पिंका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी सुर्खियों में
पुलिस के जेहन में एक महत्वपूर्ण यह तथ्य भी है जो इस घटना के बाद से सुर्खियों में है कि गभाना क्षेत्र का रसूखदार व्यक्ति व पूर्व जिपं सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर संदीप के बेहद करीबी है। दोनों की जमीनी कारोबार में व्यापारिक संबंध भी हैं। जांच में यह सामने आया है कि कई मामलों में संदीप के कहने पर पिंका ने अपने रसूख के दम पर दखल देकर उनका निदान कराया है। हर जगह पिंका ही संदीप की मदद में सामने आया और कहा जाए कि संदीप के सुरक्षा कवच के रूप में पिंका सामने आया।
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एसएसपी ने पुलिस टीमों को दिया टास्क
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने मंगलवार दोपहर इस घटना की जांच टीमों में शामिल सभी सदस्यों की अपने कार्यालय में बैठक की। इस दौरान टीमों को अलग-अलग टास्क दिए गए। तय किया गया कि अब अगले 24 घंटे तक इन टॉस्कों पर पुलिस काम करेगी और फिर बुधवार शाम को इस विषय में अगली चर्चा होगी। उसमें आने वाले परिणाम और आने वाले तथ्यों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान टीमों से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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शूटरों को गाइड करती कैद मिली रिश्तेदार की क्रेटा कार
एसएसपी से टास्क मिलने के बाद टीमों ने काम शुरू किया तो देर रात बड़ा सुराग हाथ लगा है। अगर यह सुराग सही है तो घटना का बुधवार तक खुलासा संभव है। चिह्नित की गईं छह अदावतों में से एक अदावत पर पुलिस की नजर टिक गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार देर रात तक जब सीसीटीवी की जांच शुरू हुई तो पाया कि एक क्रेटा कार ऐसी है जो शूटरों की कार के आगे हर जगह कैद है। शाम को छह बजे शहर में शूटरों की कार घुसी है। उसके बाद घटना करने के बाद क्वार्सी की ओर जाते समय तक वह कार आगे है। लग रहा है कि वह शूटरों की कार को गाइड कर रही है। जब इस कार को संदिग्ध मानकर जांच शुरू की तो यह कार सारसौल के उस रिश्तेदार परिवार की निकली, जिससे विवाद चल रहा है। इसके बाद कार के स्वामी अंकुश तक पहुंचने का प्रयास किया तो वह गायब बताया गया। जांच में पता चला कि अंकुश परिवार से अलग क्वार्सी इलाके में रहता है। वहां से भी वह सोमवार से गायब बताया गया है। उसके कनेक्शन पर जब काम शुरू हुआ तो पता चला कि वह घटना के बाद अपनी कार रामघाट रोड तालसपुर के पास एक कार गैराज में खड़ी कर गया है। उसके बाद कार गैराज का स्वामी भी गायब है। कार स्वामी अपने परिवार को हत्या से जुड़ी जानकारी देकर गायब हुआ है। इस जानकारी पर पुलिस ने क्रेटा को बरामद कर लिया है। वहीं शूटर हरियाणा के सोनीपत से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस आधार पर पुलिस ने शूटरों के फुटेज जारी कर उनकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं।



हो सकता है समाज व व्यापार में बेइज्जती का बदला
सारसौल की इस अदावत के विषय में पुलिस को पता चला है कि इस परिवार पर एटा में मुकदमा दर्ज है। समझौते के नाम पर अब तक 22 नवंबर को 25 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। इसके सुबूत भी मिल चुके हैं। 50 लाख रुपये और दिए जाने है। इस अदावत में समाज व व्यापार में बड़ी बेइज्जती हुई है। यह उसी का बदला हो सकता है। उसके क्वार्सी क्षेत्र के कुछ अपराधियों से भी रिश्ते उजागर हो रहे हैं।

दिन में घंटों घटनास्थल पर चली लोगों से पूछताछ
दोपहर में एसपी सिटी, सीओ उस घटनास्थल पर भी गए, जहां सोमवार देर शाम घटना हुई थी। वहां पान वाले दुकानदार, चंदनिया के रहने वाले विनोद नाम के ढकेल पर फल विक्रेता व अन्य आसपास के लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी के एंगल खंगाले। इस दौरान बस इतना साफ हुआ कि हम लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी तो ध्यान दिया तो इतना देख पाए कि दो युवक हाथ में हथियार लिए भागते हुए नीली कार में बैठ गए और क्वार्सी की ओर भाग गए।

-हमारी पांच टीमें इस घटना के खुलासे में लगी हुई हैं। व्यापारी संदीप गुप्ता की कुछ अदावतों को चिह्नित किया गया था। उन्हीं पर काम करते समय एक अदावत से जुड़ी संदिग्ध कार चिह्नित हुई है। वह कार भी बरामद कर ली गई है। उम्मीद है कि जल्द सफलता हाथ लगेगी।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी


--इन छह अदावतों पर हुआ काम--
1-डेढ़ दशक पुरानी अलीगंज से जुड़ी एक अदावत परिवार के स्तर से पुलिस जानकारी में आई है। हालांकि वह अब इतनी ज्वलंत नहीं है।
2-परिवार की एक बेटी सारसौल इलाके के ट्रांसपोर्टर परिवार में ब्याही थी, उसका रिश्ता टूटने के दौरान हुआ विवाद, जिसमें मुकदमेबाजी हुई। रिश्तेदार पक्ष पर एटा में दुष्कर्म का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। बाद में भारी भरकम रकम में पिंका ठाकुर की मध्यस्थता से सुलह हुई। उसमें कुछ रकम मिलना भी शेष है। उस ट्रांसपोर्टर का बेटा अपने घर से अलग रह रहा है और मन में खुन्नस पाले है।
3-गभाना में एक सीमेंट कंपनी की फैक्टरी संदीप गुप्ता के सहयोग से स्थापित की जा रही थी। उसमें जमीन पर कब्जे को लेकर कुछ विवाद हुए। हाल ही के दिनों में ये विवाद संदीप ने पिंका ठाकुर की मदद से निपटवाया है। उसमें भारी भरकम रकम का लेनदेन होने की चर्चा है।
4-राजस्थान के करौली क्षेत्र से क्लिंकर रैक के ठेके पर संदीप गुप्ता ने कुछ साल पहले अपने सियासी व ब्यूरोक्रेसी के रसूख के दम पर आधिपत्य जमाया था। जिस पक्ष से यह आधिपत्य छीना गया था, वह भी इस फील्ड का बड़ा रसूखदार कहा जाता है।

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5-कासिमपुर पावर हाउस पर क्लिंकर की रैक और पावर हाउस की फ्लाईएश की सप्लाई को लेकर भी अपने जिले व आसपास के जिलों के रसूखदार ग्रुप अक्सर टकराते रहते हैं। इसमें भी पिछले कुछ समय से अपने लॉजेस्टिक सिस्टम के दम पर संदीप की कंपनी का कब्जा हो गया।
6-सीमेंट व क्लिंकर सप्लाई से जुड़े यूपी के अन्य जिलों की किसी अदावत पर भी पुलिस काम कर रही है।

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