अलीगढ़ के जांबाज की टीम ने किया पाक आतंकी दुजाना को ढेर
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कश्मीर के पुलवामा में पिछले दिनों कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी अबु दुजाना को मार गिराने का काम अलीगढ़ के जांबाज सीआरपीएफ की एसओजी के असिस्टेंट कमांडर वरुण शर्मा की टीम ने किया। उनकी इस उपलब्धि पर उन्हें दो दिन बाद वहां सम्मानित किया जा रहा है। वरुण शर्मा सीआरपीएफ की पुलवामा एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के कमांडर हैं। अबु दुजाना के साथ ही इस मुठभेड़ में आतंकी आरिफ नबी डार भी मार गिराया था।
वरुण शर्मा के पिता आईपी शर्मा कृषि विभाग से सेवानिवृत्त हैं। वह अलीगढ़ में मानसरोवर कालोनी के पास सरस्वती विहार में रहते हैं। वरुण शर्मा को एक अगस्त को तड़के 3.30 बजे सूचना मिली कि पुलवामा के हमरीपुरा गांव में पाकिस्तानी आतंकी अबु दुजाना और उसके साथी आए हैं। यहां पर इन लोगों का पहले भी मूवमेंट रहा है। चार बजे सीआरपीएफ की एसओजी, आरआर टीम और स्थानीय पुलिस का दस्ता वहां पहुंच गया। सबसे पहले उसे सरेंडर करने के लिए कहा गया।
सरेंडर नहीं करने पर फायरिंग शुरू कर दी गई। इस बीच मकान में आग लग गई। दिन में 12 बजे दो डेड बॉडी रिकवर हुई, इसमें से एक की शिनाख्त पाकिस्तानी आतंकी अबु दुजाना के रूप में हुई। दूसरा शव आतंकी आरिफ नबी डार का था। इस एनकाउंटर के बाद भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। दोनों के शव किसी तरह वहां से निकाले गए।
अबु दुजाना के एनकाउंटर के बाद आतंकियों का मनोबल टूटा है। यह कई आतंकी वारदातों में शामिल था। पिछले सवा महीने में करीब 10 आतंकी मार गिराए हैं। वरुण शर्मा ने सन 2009 में भारतीय संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी थी। सन 2010 में उनका चयन हो गया।
उन्होंने बिहार में 3 साल से अधिक समय नक्सली इलाके में गुजारा। अब वह पुलवामा में हैं। वरुण की शिक्षा अलीगढ़ में सिटी हाईस्कूल और प्लस टू से हुई है। स्नातक दिल्ली की इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से किया है। वरुण की उपलब्धि पर पूरे परिवार को नाज है।