अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ दरोगा और सिपाही पर छात्रों से मारपीट करने का आरोप लगाया गया, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। इसके बाद मामला शांत हो सका।
गुरुवार को एएमयू छात्रों ने कई घंटे तक जमकर हंगामा काटा। आरोप है कि फरक्का एक्सप्रेस में साथी छात्र को बिठाने पहुंचे तीन छात्रों के साथ प्लेटफार्म पर ही आरपीएफ दरोगा और सिपाही ने मारपीट कर डाली। छात्रों के साथ मारपीट की खबर पर सैकड़ों छात्र स्टेशन पर आ गए। वे दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। प्रॉक्टोरियल टीम भी आ पहुंची। छात्रों के गुस्से को देखते हुए आरोपी दरोगा और सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद मामला शांत हो सका।
पश्चिम बंगाल निवासी छात्र शाहिद को फरक्का एक्सप्रेस से अपने घर जाना था। शाहिद को ट्रेन में बिठाने को तीन साथी छात्र स्टेशन पहुंचे थे। रात करीब 12:30 बजे ट्रेन स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन में काफी भीड़ थी। जैसे-तैसे साथी छात्रों ने शाहिद को ट्रेन में सवार कराया। वापस आ रहे थे।
आरोप है कि तभी प्लेटफार्म पर मौजूद आरपीएफ के एएसआई प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप ने रोक लिया। उन्होंने तीनों से प्लेटफार्म टिकट मांगा। छात्रों ने खुद का परिचय देते हुए बताया कि वे एएमयू के छात्र हैं, साथी छात्र को ट्रेन में बिठाने आए थे। आरोप है कि इसी बात पर आरपीएफ कर्मियों ने पहले उनसे अभद्रता शुरू कर दिया कि उनके साथ मारपीट भी कर डाली।
पीड़ित छात्र ने इस मामले में अपने साथियों को जानकारी देने के साथ एएमयू इंतजामिया को जानकारी दे दी। सूचना पर बड़ी संख्या में छात्र स्टेशन पर आ गए और दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। प्रॉक्टोरियल टीम स्टेशन पर पहुंच गई। फोन पर ही रेलवे अफसरों से बातचीत की गई। इसके बाद आरोपी एएसआई प्रेमपाल और सिपाही कुलदीप को निलंबित करने की घोषणा हुई। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ।