11 जुलाई को दीनदयाल चिकित्सालय में हुआ लैब का शुभारंभ।
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पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में बनी नई लैब कोरोना की जांच शुरू नहीं हो पाई है। उसका कारण रोटर न मिलना है। इसके अलावा आईसीएमआर का सर्टिफिकेट भी नहीं मिला है।
संयुक्त चिकित्सालय में 11 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बायो सेफ्टी लेवल-2 (बीएसएल-2) लैब का शुभारंभ किया था। लेकिन कंपनी ने 2 एमएल के बदले 50 एमएल का रोटर भेज दिया गया है। इसकी वजह से जांच शुरू नहीं हो सकी। चार दिन गुजर जाने के बाद भी लैब को रोटर का इंजतार है। इधर, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से सर्टिफिकेट भी नहीं मिला है। हालांकि, तमाम प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं। इस संबंध में पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. एबी सिंह का कहना है कि रोटर के लिए लखनऊ को लिख दिया गया है। आईसीएमआर का सर्टिफिकेट चंद रोज में आने वाला है। आईसीएमआर से सर्टिफिकेट हासिल करने के बाद ही रिपोर्ट जारी करने का अधिकार लैब को प्राप्त होगा।