कोरोना काल में निजी कंपनियों के ही नहीं, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने अगस्त तक प्राप्त हुए राजस्व की समीक्षा की। वाणिज्य, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और परिवहन विभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक रही। बैनामे न होने और आरसी कटने पर वसूली न होने पर तहसीलों का राजस्व घटा है। डीएम ने कहा कि सभी अधिकारी मिलकर राजस्व बढ़ाने पर जोर दें। एसडीएम हर सप्ताह राजस्व प्राप्ति की समीक्षा करें।
डीएम चंद्रभूषण सिंह की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। उन्होंनेे राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि वाणिज्य, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और परिवहन विभाग की स्थिति खराब मिली। आबकारी विभाग कुछ हद तक राजस्व प्राप्ति में ठीक रहा। फिलहाल, प्रदेश में जिला 9 वें स्थान पर है। उन्होंने बताया कि कोरोना संकट काल में आटोमोबाइल सेक्टर पर काफी प्रभाव पड़ा है। बैठक का संचालन एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने किया। एडीएम प्रशासन डीपी पाल समेत सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्राइवेट बस संचालन को मंजूरी
डीएम ने प्राइवेट बसों के संचालन को मंजूरी दे दी है। दरअसल, इन बसों को सरेंडर कर दिया गया था। साथ ही अन्य टैक्सी परमिट वाहनों को भी सरेंडर कर दिया गया था। इधर, नये वाहनों का पंजीकरण नहीं हो रहा। इससे परिवहन विभाग को नुकसान झेलना पड़ा। डीएम ने एआरटीओ को निर्देश दिए हैं कि वह प्राइवेट बसों का संचालन शुरू कराएं। इनसे राजस्व वसूली की जाए।
नगर निकायों को ठेके उठाने के निर्देश
नगर निकायों से होने वाली राजस्व प्राप्तियों में विगत वर्ष से 60 प्रतिशत की वसूली कम होने पर डीएम ने आय के स्रोत बढ़ाने के साथ ही मौजूदा सभी मदों में शत प्रतिशत वसूली करने के निर्देश सभी ईओ को दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की नीलामियां और ठेके उठाए जाने की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाएं। वसूली कार्यों में तेजी लाई जाए।
इस प्रकार कम हुआ राजस्व
- स्टॉप एवं रजिस्ट्रेशन में 489 करोड़ के सापेक्ष मात्र 85 करोड़ की वसूली हुई।
- परिवहन विभाग में पिछले साल अगस्त तक 72 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ था, इस साल 14 लाख पर अटकी गाड़ी।
- तहसीलों में पिछले साल 75 करोड़ के राजस्व वसूली हुई थी, इस साल मात्र 19 करोड़ 16 लाख रुपये वसूल पाए।