एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज ने कोविड-19 रोगियों की रिकवीर दर 71.9 प्रतिशत हासिल की है, जो राष्ट्रीय रिकवरी दर से 15.9 प्रतिशत अधिक है। जेएन मेडिकल कॉलेज ने रोगियों के सफल उपचार में 18 जून से 14.22 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की है। 18 जून तक रिकवरी दर 57.68 प्रतिशत थी।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा समर्पित भाव से किए जा रहे कार्यों व सेवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनके प्रयासों के चलते जेएन मेडिकल कॉलेज के रिकवरी दर में वृद्धि हुई है। कुलपति ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी इस कठिन समय में एक असाधारण कार्य कर रहे हैं। जेएनएमसी के प्राचार्य व सीएमएस प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज जो सरकार द्वारा कोविड एल-2 सेंटर घोषित किया गया है, वहां पर लगातार निशुल्क परीक्षण किए जा रहे हैं। कॉलेज में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म देनी वाली कोविड-19 पॉजिटिव महिला को कोरोना वायरस संक्रमण मुक्त होने के बाद छुट्टी दे दी गई। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष प्रो. तमकीन खान ने बताया कि बच्ची और उसकी मां पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
ऑपरेशन टीम में विभाग की प्रो. शाहीन अंजुम व उनकी टीम के सदस्य डॉ. रोशन, डॉ. शाहीना व डॉ. शिवानी सहित ओटी स्टाफ भी शामिल रहा। इसके अतिरिक्त कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त होने पर जूनियर रेजीडेंट डॉ. खलफ सबा, पीजी स्टूडेंट डॉ. दानिश, मधु, अनवर अली, वसीम हाशमी व सना को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कॉलेज से डिस्चार्ज होने वालों का उपचार प्रो. एसएफ हक, प्रो. राकेश भार्गव, प्रो. मोहम्मद शमीम, प्रो. सीमा हकीम, डॉ. नाजिया, डॉ. यू अशरफ, डॉ. एम असलम, डॉ. नफीस, डॉ. अहमद वायज, डॉ. आरिफ, डॉ. जुनैद, डॉ. शफकत, डॉ. फरजाना, डॉ. नादिर, डॉ. मकसूम, डॉ. दिलशा, डॉ. दानिश, डॉ. नवेदिता, डॉ. प्रतीक्षा, डॉ. अरविंद आदि ने किया।