पहले लखनऊ से भेजा, अब जेवर से भेज सकेंगे
- एग्री शाइन एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 12 क्विंटल आलू हवाई जहाज से बहरीन भेजा था। इसके लिए लखनऊ एयरपोर्ट जाना पड़ा। जेवर से निर्यात की सुविधा शुरू होने पर अलीगढ़ के किसानों और एफपीओ को लखनऊ की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
- कोमलिका एफपीओ के संचालक कैप्टन आरपी पचौरी ने कहा कि आलू की बड़ी बेल्ट में ही निर्यात की सुलभ सुविधा मिलने से किसानों को बड़ा फायदा होगा।
- अलीगढ़ कोल्ड स्टोर्स ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने कहा कि निर्यात की सुविधा बढ़ने से किसानों को बेहतर बाजार मिलेंगे और आलू की बेहतर किस्मों की ओर भी रुझान बढ़ेगा।
भाव गिरा तो 100 रुपये प्रति क्विंटल की राहत
आलू के भाव में उतार-चढ़ाव से किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का भामाशाह भावांतर कोष बनाया है। इसके तहत किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सीधे बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। कोल्ड स्टोर के किराये में राहत के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बलभद्र शीतगृह, खैर के संचालक श्रीकांत शर्मा ने बताया कि भावांतर योजना किसानों को बाजार में भाव गिरने की स्थिति में बड़ी राहत दे सकती है। कोल्ड स्टोर किराये में राहत के लिए किसान आवेदन भी कर रहे हैं।
30 टन आलू जाएगा बहरीन
अलीगढ़ से 30 टन आलू जल्द बहरीन भेजने की तैयारी है। इसमें फ्राई सोना और फ्राई होम किस्में शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल फ्रेंच फ्राइज और चिप्स बनाने में होता है। एग्री शाइन एफपीओ के संचालक जितेंद्र अवस्थी ने बताया कि इस बार आलू कंटेनर के जरिये समुद्री मार्ग से बहरीन भेजा जाएगा।