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वर्दी वालों की बिगड़ी सेहत: अलीगढ़ के 40 फीसदी पुलिसकर्मी हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार, हर 10वां दिल का मरीज

Fri, 19 Jun 2026 09:52 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिसकर्मियों में इन बीमारियों के सामने आने का प्रमुख कारण खान पान पर ध्यान न देना, काम की व्यस्तता में अनियमित व बाहरी खानपान, नियमित परेड में शामिल न होना माना जा रहा है। इसे लेकर ऐसे पुलिसकर्मियों को फील्ड तैनाती से हटाकर डेस्क वर्क पर भी लगाया जा रहा है।
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पुलिस प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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विस्तार
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जिन पुलिस वालों के हाथ में आमजन की सुरक्षा व कानून के पालन का जिम्मा है, उनका अपना स्वास्थ्य खतरे में है। अलीगढ़ जिला पुलिस के 35-40 आयु वर्ग से ऊपर के 10 में से 4 पुलिसवालों का कोलेस्ट्रॉल हाई है और इन्हीं 10 में से एक को दिल संबंधी बीमारी।

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ये सच हाल में जिला पुलिस द्वारा स्वास्थ्य विभाग व जेएन मेडिकल कॉलेज के सहयोग से कराई गई फुल बॉडी जांच में सामने आया है। इसके बाद चिकित्सकों ने इन बीमार पुलिसकर्मियों को बेहतर उपचार व स्वास्थ्य लाभ की सलाह दी है, जिसके बाद इन सभी का उपचार शुरू कराया गया है। एसएसपी स्तर से पिछले दिनों जिले भर के 35-40 आयु वर्ग से ऊपर के पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य जांच के लिए साप्ताहिक शिविर आयोजित कराए गए। पुलिस लाइन में ही जिला स्वास्थ्य विभाग व जेएन मेडिकल कॉलेज के सहयोग से फुल बॉडी जांच व उपचार की व्यवस्था की गई। लगातार कई सप्ताह तक आयोजित हुए इन शिविरों में इस आयु वर्ग में कुल 2350 पुलिसकर्मियों ने अपनी जांच कराई।

इनमें से 967 पुलिसकर्मियों को बीमारी बताई गई है। इन सभी 967 का कोलेस्ट्रॉल तो बढ़ा ही हुआ है। साथ में इनमें श्रेणीवार अलग-अलग बीमारियां भी हैं। इस तरह कुल 10 में से चार पुलिसवालों का कोलेस्ट्राल हाई है, जबकि ईसीजी जांच 259 के गड़बड़ियां पाई गई हैं। यानि दस में से एक को दिल संबंधी बीमारी है। वहीं 453 में हीमोग्लोबिन संबंधी कमी हैं, जबकि 345 में आरबीसी यानि खून संबंधी कमी हैं, जबकि 119 बीएमआई यानि वजन संबंधी बीमारी हैं।

हमारे द्वारा पिछले दिनों 35-40 आयु वर्ग से ऊपर के पुलिसकर्मियों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष शिविर लगवाकर फुल बॉडी जांच कराई थी। जिसमें 2350 में से 967 को अलग अलग तरह की परेशानी सामने आई हैं, जिनमें ईसीजी जांच में 259 पुलिसकर्मियों की बीमारी चिंताजनक है। इनके विशेष उपचार व्यवस्था कराई जा रही है। -नीरज जादौन, एसएसपी

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स्वास्थ्य लाभ के लिए अब ये हो रहे प्रयास
स्वास्थ्य जांच में ये बीमारियां सामने आने के बाद जिन्हें कोलेस्ट्राॅल अधिक व वजन संबंधी परेशानी है, उन्हें उपचार के साथ-साथ दैनिक व शुक्रवार परेड में शामिल कराया जा रहा है। जिन्हें दिल, हीमोग्लोबिन व खून संबंधी समस्या है, उन्हें उसके अनुसार उपचार दिलाया जा रहा है।

ये माना जा रहा कारण
पुलिसकर्मियों में इन बीमारियों के सामने आने का प्रमुख कारण खान पान पर ध्यान न देना, काम की व्यस्तता में अनियमित व बाहरी खानपान, नियमित परेड में शामिल न होना माना जा रहा है। इसे लेकर ऐसे पुलिसकर्मियों को फील्ड तैनाती से हटाकर डेस्क वर्क पर भी लगाया जा रहा है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें।
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हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब
हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब मुख्य रूप से नसों (धमनियों) की दीवारों पर चर्बी (मोम जैसा पदार्थ) का जमना है। जब खून में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह नसों की अंदरूनी दीवारों पर चिपकने लगता है समय के साथ यह सख्त होकर पलाक नाम की कठोर परत बना लेता है, जिससे नसें संकरी हो जाती हैं। जिला स्तर पर 35-40 आयुवर्ग से ऊपर के पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आया तथ्य, अब शुरू कराया गंभीरता से उपचार

ये है जांच-बीमारी का आंकड़ा
  • 2350 कुल पुलिसकर्मियों की फुल बॉडी जांच हुई
  • 1383 को इस जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाया गया
  • 967 काे कोलेस्ट्रॉल हाई होने से अनफिट पाया है
  • 453 काे 967 में से हीमोग्लोबिन अनफिट पाया है
  • 259 का 967 में से ईसीजी अनफिट पाया गया है
  • 345 का 967 में से आरबीसी अनफिट पाया गया
  • 119 का 967 में से बीएमआई अनफिट पाया गया

ये तथ्य भी जानें
  • 6000 करीब पुलिसकर्मी जिले भर में तैनात
  • 3000 करीब की आयु 35-40 से ऊपर है
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