स्वास्थ्य लाभ के लिए अब ये हो रहे प्रयास
स्वास्थ्य जांच में ये बीमारियां सामने आने के बाद जिन्हें कोलेस्ट्राॅल अधिक व वजन संबंधी परेशानी है, उन्हें उपचार के साथ-साथ दैनिक व शुक्रवार परेड में शामिल कराया जा रहा है। जिन्हें दिल, हीमोग्लोबिन व खून संबंधी समस्या है, उन्हें उसके अनुसार उपचार दिलाया जा रहा है।
ये माना जा रहा कारण
पुलिसकर्मियों में इन बीमारियों के सामने आने का प्रमुख कारण खान पान पर ध्यान न देना, काम की व्यस्तता में अनियमित व बाहरी खानपान, नियमित परेड में शामिल न होना माना जा रहा है। इसे लेकर ऐसे पुलिसकर्मियों को फील्ड तैनाती से हटाकर डेस्क वर्क पर भी लगाया जा रहा है, ताकि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकें।
हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब
हाई कोलेस्ट्रॉल का मतलब मुख्य रूप से नसों (धमनियों) की दीवारों पर चर्बी (मोम जैसा पदार्थ) का जमना है। जब खून में खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह नसों की अंदरूनी दीवारों पर चिपकने लगता है समय के साथ यह सख्त होकर पलाक नाम की कठोर परत बना लेता है, जिससे नसें संकरी हो जाती हैं। जिला स्तर पर 35-40 आयुवर्ग से ऊपर के पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आया तथ्य, अब शुरू कराया गंभीरता से उपचार
ये है जांच-बीमारी का आंकड़ा
- 2350 कुल पुलिसकर्मियों की फुल बॉडी जांच हुई
- 1383 को इस जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाया गया
- 967 काे कोलेस्ट्रॉल हाई होने से अनफिट पाया है
- 453 काे 967 में से हीमोग्लोबिन अनफिट पाया है
- 259 का 967 में से ईसीजी अनफिट पाया गया है
- 345 का 967 में से आरबीसी अनफिट पाया गया
- 119 का 967 में से बीएमआई अनफिट पाया गया
ये तथ्य भी जानें
- 6000 करीब पुलिसकर्मी जिले भर में तैनात
- 3000 करीब की आयु 35-40 से ऊपर है