कोरोना वायरस के संक्रमण से जनता को बचाने के लिए और इसके प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ही नहीं, पुलिस विभाग भी जीजान से जुटा हुआ है। इसी कड़ी में जिला पुलिस दिन हो या रात अलीगढ़ पुलिस है आपके साथ के संदेश को लेकर काम कर रही है। बस प्रयास है कि किसी तरह लोग घरों में रहें और बेवजह न घूमें।
अमर उजाला फेसबुक लाइव के दौरान शुक्रवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी ने बताया कि लॉक डाउन का और अधिक सख्ती के साथ पालन कराने के लिए पुलिस विभाग शहर में हर संभव प्रयास कर रहा है। शहर को जोन में बांटने से लेकर ड्रोन विमान से निगरानी की जा रही है। साथ ही वाहनों के सड़कों पर निकलने की एक सीमा तय की जा रही है। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए एक विशेष सेल गठित किया है जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर की जाने वाली टिप्पणियों पर प्रतिक्रियाओं पर नजर रखी जा रही है ।
एसएसपी ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए पुलिस विभाग दो स्तर पर काम कर रहा है। एक तो लॉकडॉउन का पालन सुनिश्चित कराना है दूसरा जन जागरूकता का प्रसार करना है। लॉक डाउन के दौरान इंटर सेक्टर मूवमेंट कम करने की योजना है। शहर को अलग-अलग सेक्टरों में बांट दिया गया है। एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में लोगों का मूवमेंट सीमित कर देंगे। ग्रामीण इलाकों से शहरी सीमा में बहुत आवश्यक स्थितियों में कृषक और कृषि संबंधी आवश्यकताओं वाले लोग ही प्रवेश कर पाएंगे। यह देखा गया है कि शहर की प्रमुख अनाज मंडियां बहुत तंग जगह में है। इनको देखते हुए नुमाइश मैदान में सभी को स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही सेक्टरों में जहां-जहां स्कूल कॉलेज और मैदान उपलब्ध हैं वहां भी आवश्यक सामग्री की दुकान है, लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। बेवजह घूमने वालों पर अब सख्त कदम उठाए जाएंगे। धारा 144 और 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा स्तर जनजागरूकता का है
एसएसपी ने बताया कि हम पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम को दुरुस्त करेंगे और इसके माध्यम से कोरोना वायरस से बचाव के उपाय बताए जाएंगे । शहर में जगह-जगह पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं। इसके अलावा थानों की और पुलिस की सभी गाड़ियों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगे हुए हैं। इनके माध्यम से भी प्रचार और प्रसार का कार्य किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर महामारी से बचने के उपाय डिजिटल माध्यम से बताए जा रहे हैं। ग्रुप बनाए गए हैं। कॉन्स्टेबल का ग्रुप बनाया गया है। सभी ग्रुपों पर कोरोना महामारी से बचाव के संबंध में जानकारी दी जा रही है। यह भी देखा गया है कि लोग महामारी के समय मैं भी सोशल मीडिया पर गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसे मामलों की निगरानी के लिए सोशल मीडिया सेल गठित कर दिया गया है। वह सभी पोस्ट की निगरानी कर रहा है।अभी हमने ऐसे ही पोस्ट करने पर एक हिंदू संगठन के नेता की गिरफ्तारी भी की और मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
सख्ती के साथ ही भोजन-राशन भी पहुंचा रहे
हम केवल सख्ती और रोकथाम की बात ही नहीं कर रहे हैं बल्कि 112 पुलिस सेवा पर अगर कोई फोन आता है कि हमें खाने की आवश्यकता है या सामग्री की आवश्यकता है तो पुलिस की गाड़ियां वहां पर खाद्य सामग्री और राहत सामग्री भी पहुंचा रही हैं। साथ ही लोगों से भी अपील है कि वह भी इस महामारी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन सरकार का सहयोग करें। पूरी उम्मीद है कि सभी लोग मिलकर इस आपदा का सामना कर लेंगे और बाद में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।