अलीगढ़ जिले में जहरीली शराब से हुई मौत के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। रविवार को जहरीली शराब कांड में अपने पति को खो देने वाली महिला अपनी चार दिन दुधमुंही बच्ची को लेकर डीएम ऑफिस पहुंची। उसने बताया कि बिटिया के पिता और उसके पति की मौत जहरीली शराब से हुई है, लेकिन अधिकारी इसको नहीं मान रहे हैं।
जबरन उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया। अब उसके पास कोई सहारा नहीं है। इस बच्ची का भरण पोषण कैसे होगा। यहां 12 परिवारों के लोग आए थे, इन सभी का आरोप था कि अधिकारियों ने संदिग्ध मौत होने के बाद भी मृतकों का जबरन अंतिम संस्कार करा दिया, ताकि मौतों का आंकड़ा कम हो सके।
पंचनामा तक नहीं भरवाया गया। ये सभी लोधा थाना इलाके के उन गांवों के लोग हैं, जहां 27 मई को शराब से मौत होने का सिलसिला जारी हुआ था। इस थाना क्षेत्र के 4 गांव में ही 25 से ज्यादा लोगों की मौत होना बताया जा रहा है। मृतकों के परिजनों का कहना था कि सभी परिवार रोजाना दिहाड़ी कर किसी तरह से गुजारा कर रहे थे, अब कमाने वाले ही चले गए तो गुजारा कैसे होगा।
कलक्ट्रेट में जब जिलाधिकारी से इनकी मुलाकात नहीं हो सकी तो इनमें से कुछ पीडि़त एडीएम प्रशासन के पास पहुंचे। एडीएम प्रशासन इस प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को आएं और मजिस्ट्रेटी जांच में अपने साक्ष्य प्रस्तुत करें।