जवां के पास गांव रोहेरा के पास स्थित भट्टे पर बिहार के मजदूरों की मौत के मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं ने एक चिता में दो शवों को डीजल डालकर जलाने का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के बरौली विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सुनील ठाकुर, जिला सचिव बाबू सिंह धनगर, भोला बघेल, मुजम्मिल, संतोष कुमार, हरिओम सिंह आदि कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध जताया और इसकी सूचना समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष को दी।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष उस वक्त महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी के साथ नूरपुर गांव में चल रहे विवाद को निपटाने के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गए हुए थे। वहां से वह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। जहां पहले से जली हुई चिताओं के अलावा तीन चिताएं और जल रही थीं, जिनके अंतिम संस्कार के समय न ही कोई पुलिस प्रशासन का अधिकारी था, न ही कोई परिवारीजन। सुनील ठाकुर ने बताया कि वहां केवल समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता व भट्टे का मुनीम मौजूद था। मृतकों का अंतिम संस्कार समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कर रहे थे।
प्रशासन द्वारा इस तरह 2-2 मृतकों को एक ही चिता को डीजल द्वारा दाह संस्कार करने के प्रयास का समाजवादी पार्टी घोर निंदा करती है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष गिरीश यादव के साथ महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, जिला उपाध्यक्ष रत्नाकर पांडे , जिला महासचिव मुकेश माहेश्वरी , महानगर महासचिव मनोज यादव , खान मोहम्मद, आसिफ , रईस माहिर, शशांक वार्ष्णेय, धारा सिंह, सूर्यवंशी, मनोज जाटव ,प्रभु सिंह सुमन आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।