आम मिथक है कि प्लास्टिक सर्जरी का प्रयोग केवल सौंदर्य और रंग रूपता को निखारने के लिए होता है। बल्कि वास्तविकता यह है कि प्लास्टिक सर्जरी ने जन्म एवं दुर्घटना से होने वाली विकृतियों, जलने तथा शरीर
के अन्य अंगों के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बड़ी संख्या में न केवल लोगों को ठीक किया है। उनकी जान भी बचाई है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कालेज के प्लास्टिक सर्जरी विभाग में बुधवार को राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस के अवसर पर हुए कार्यक्रम में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. इमरान अहमद ने इस दिवस की प्रासंगिकता एवं महत्व को उजागर किया। प्रो. अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय प्लास्टिक सर्जरी दिवस हरेक वर्ष 15 जुलाई को राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। इसका उद्देश्य यही है कि लोग प्लास्टिक सर्जरी के विज्ञान से न केवल परिचित हों बल्कि इसके प्रति उनकी जागरूकता भी बढ़े।
उन्होंने बताया कि लाकडाउन आरंभ होने के बाद से प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा 587 रोगियों का उपचार किया गया और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार उचित सावधानी बरतते हुए आपातकालीन सर्जरी भी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग में हाथ की 180 सर्जरी, 172 जलने के मामले, 45 सर और नाक की चोटों तथा 88 निचले अंगों के मामलों का सफलतापूर्वक उपचार किया गया।