फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : जिले में 145 स्थायी पटाखा विक्रेताओं में से 62 के लाइसेंस निरस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना की चपेट में हर वर्ग-व्यापार है। इसकी मार अतिशबाजी यानी पटाखों के कारोबार भी पड़ी है। हाल यह है कि पटाखा कारोबार करने वाले 62 स्थायी लाइसेंस धारकों ने रिन्यूअल के लिए आवेदन नहीं किया है। इनके लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं । 10 अन्य भी इस कतार में खड़े हैं। अगले सप्ताह उनके भी लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन

जिले में 145 स्थायी लाइसेंस धारक पटाखा थोक बिक्री या बनाने का काम करते थे। इनमें से इस वर्ष 2020-21 के लिए 72 ने लाइसेंस रिन्यूअल कराने के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके चलते 62 का लाइसेंस सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने रद्द कर दिया है। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि उनका व्यापार से मोहभंग हो चुका है। अन्य 10 के लिए भी रद्दीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोरोना ने बदली कहानी
कोरोना ने अतिशबाजी के व्यापार पर ग्रहण लगाया है। अधिकारियों का मानना है कि कोरोना के चलते पूरे साहलग में शादियों को या तो लोगों ने रद्द किया या फिर पांच से आठ लोगों की मौजूदगी में बिना बारात चढ़ाए ही शादियां हुईं। ऐसे में बारात से लेकर स्टेज तक जिन शादियों में 10-20 हजार रुपये लोग अतिशबाजी पर खर्च कर देते थे। वह बंद हो गया। इधर, फैक्ट्रियों से मजदूर कोरोना काल में पलायन कर गए। इससे फैक्ट्रियां बंद हो गईं। कोरोना के हालात देखते हुए लोगों को दिवाली का त्योहार भी खटाई में जाता दिख रहा है। आशंका है कि इस बार अस्थाई पटाखा बाजारों की इजाजत सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें