मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य व ऐशबाग ईदगाह लखनऊ के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि कोविड वैक्सीन अपने मुल्क में बनी है। इसमें नाजायज चीज मिली होने के कोई भी सबूत अब तक नहीं मिले हैं। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। वह यहां एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे।
उन्होंने कहा कि इस्लाम कहता है कि अगर कोई बीमारी है तो उसका इलाज करवाओ। पोलियो उन्मूलन की दवा को लेकर भी अफवाहें फैलाई गई थीं। कई सालों बाद अफवाह से निजात मिल पाई थी। कोविड वैक्सीन को लेकर अफवाह फैलाने वालों को बाज आना चाहिए, क्योंकि इसे इस्लाम में गुनाह माना गया है।
मौलाना ने कहा कि सच्चर कमेटी का केवल ढिंढोरा पीटा गया है। इससे मुसलमानों का नुकसान हुआ है। मुसलमानों में शत-प्रतिशत साक्षरता दर है। सच्चर कमेटी ने सिर्फ मुसलमानों पर सर्वे क्यों किया। यह सभी धर्मों पर होना चाहिए था। धर्म निरपेक्षता के आधार पर सियासत होनी चाहिए। जब-जब मजहब के नाम पर चुनाव हुआ, तब-तब मुसलमानों को नुकसान हुआ है। मुसलमानों को लेकर जो गलतफहमी या नफरत है, उसकी वजह यह है कि सियासी पार्टियों ने मुसलमानों के मसलों को अलग करके दिखाया है।
भाजपा सरकार की मुस्लिमों को लेकर चिंता पर उन्होंने कहा कि कोई भी हुकूमत हो, उसे संविधान के अनुसार काम करना होता है। सभी के साथ बराबर का सुलूक करना है। अब इस पर कहां तक अमल हो रहा है, इस पर अवाम फैसला करेगी। धरने पर बैठे किसानों के मामले में सरकार जल्दी हल निकाले। किसानों को भी ऐसा रास्ता अख्तियार करना चाहिए, जिससे जल्द हल निकल सके।