जिले में कोई आयुष (होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक व यूनानी) चिकित्सक अगर किसी टीबी रोगी की खोज करेगा तो प्रोत्साहन भत्ते के तौर पर उन्हें पांच सौ रुपए दिए जाएंगे। साथ ही उस टीबी रोगी का मुफ्त इलाज व पोषण भत्ता भी दिया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने के लिए लगातार लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
साथ ही सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग मांगा जा रहा है। अभियान के तहत प्राइवेट डॉक्टर, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, यूनानी चिकित्सक व सामाजिक संस्थाओं द्वारा टीबी रोगी की सूचना मिलती है तो टीम तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचाने का काम करेगी। निजी चिकित्सकों को सूचना देने पर 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। अगर मरीज का इलाज पूरा हो चुका है तो अतिरिक्त 500 रुपये की धनराशि दी जाएगी।
यहां मिलेगा निशुल्क इलाज
जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेन्द्र कुमार ने बताया कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय, जेएन मेडिकल कॉलेज के अलावा सीएचसी अकराबाद, अतरौली, खैर, टप्पल, जटटारी, इगलास, गोंडा, गभाना, पनेठी, हरदुआगंज, जवां, मडराक, लोधा, चंडौस, छर्रा, बिजौली, शाहजमाल, ऊपरकोट, बन्ना देवी, नौरंगाबाद स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की जांच व इलाज मिलेगा।