जिले में कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब हर रोज तीन हजार जांच कराने का आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिया है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने शुक्रवार को सीएमओ और डीएमओ को जांच बढ़ाए जाने को लेकर सतर्क किया है।
डीएम ने कहा कि जिले में रोजाना 150 के करीब संक्रमित सामने आ रहे हैं। ऐसे में इनके संपर्क के लोगों और बाजार, हाट, ठेल वालों की रैंडम सैंपलिंग सहित कोरोना के समांतर लक्षण वाले मरीजों की जांच कराई जाए। जांच जितनी तेज होंगी, उतनी ही जल्दी संक्रमित सामने आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी एडीएम सिटी व देहात में एडीएम प्रशासन करेंगे। एसडीएम अपनी-अपनी तहसीलों में जांच कराएंगे। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की सूची डीएम कार्यालय में दी जाएगी। उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
दीनदयाल में मैक्स, मेदांता अस्पताल जैसी सुविधाएं देने के आदेश
कोरोना संक्रमित होने पर दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों का रुख कर रहे मरीजों को लेकर डीएम ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अलीगढ़ का व्यक्ति अगर मैक्स या मेदांता जैसे अस्पताल में कोरोना का उपचार कराने जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि उसे अलीगढ़ के स्वास्थ्य व प्रशासन की कोविड व्यवस्थाओं पर भरोसा नहीं है। यह सीधे तौर पर तमांचे की तरह है।
डीएम ने दीनदयाल अस्पताल के नोडल अधिकारी एसीएम-2 रंजीत सिंह व सीएमएस और सीएमओ को निर्देश दिए कि दीनदयाल अस्पताल में मरीजों के लिए हर हाल में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। मेदांता और मैक्स में जो सुविधाएं लोग लाखों रुपये खर्च करके पा रहे हैं। उनको वही सुविधाएं दीनदयाल अस्पताल में फ्री में उपलब्ध कराई जाएं। साफ-सफाई से लेकर खाना-पीना, देखभाल, परामर्श, दवाएं, डायट चार्ट, सुरक्षा हर एक बात का ध्यान रखा जाए। कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रतिदिन मरीजों का फीडबैक लिया जा रहा है। जिस दिन भी शिकायत मिली। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
होम आइसोलेट मरीजों के घर में नहीं हो रहा सैनिटाइजेशन
होम आइसोलेशन में रखे गए कोरोना संक्रमित मरीजों व उनके परिवार वालों की जान को नगर निगम खतरे में डालते हुए संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा दे रहा है। शुक्रवार को एक माह के भीतर तीसरी बार डीएम ने नगर निगम को सैनिटाइजेशन न करने के लिए फटकार लगाई।
नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना संक्रमित प्रत्येक मरीज के घर को तथा होम आइसोलेशन में भेजे गए मरीजों के घर में केस सामने आने के 24 घंटे के भीतर सैनिटाइजेशन होना है। लगातार कंट्रोल रूम में शिकायतें मिल रहीं हैं कि मरीजों के घर या मोहल्ले में सैनिटाइजेशन नहीं किया जा रहा है। इस पर सहायक नगर आयुक्त ने डीएम को आश्वासन दिया कि वह खुद सैनिटाइजेशन के लिए टीम का गठन कर उसकी निगरानी करेंगे। लापरवाही करने पर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।