सरकारी राशन की कालाबाजारी व उपभोक्ताओं से चावल खरीदकर उसे दिल्ली समेत अन्य स्थानों पर बेचने संबंधी मामले उजागर होने पर शासन ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन वितरण व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब 20 से 30 जुलाई के मध्य दूसरे चरण के राशन वितरण में उपभोक्ता को 5 किलो मुफ्त चावल के बजाय 3 किलो गेहूं व 2 किलो चावल दिया जाएगा। लेकिन उनको एक किलो चना नहीं दिया जाएगा। गौरतलब हो कि एक से 14 तारीख तक राशन का सार्वजनिक वितरण कराया जाता था। जबकि 20 से 30 तारीख तक प्रति यूनिट 5 किलो चावल व प्रति कार्ड 1 किलो चना मुफ्त बांटा जाता था।
जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि शासन ने वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इस बार लोगों को सिर्फ चावल नहीं, बल्कि इसके साथ गेहूं भी शामिल किया है। पांच किलो चावल की जगह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत तीन किलोग्राम गेहूं और दो किग्रा चावल का वितरण होगा, यह मुफ्त होगा। यह वितरण 20 से 30 जुलाई के बीच होगा।
जिलास्तर पर 10 माफिया किए गए चिन्हित
राशन के चावल की कालाबाजारी के मामले मे 10 राशन माफिया चिन्हित किए गए हैं। इनमें से दो के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ। बताते हैं कि माफिया उपभोक्ताओं से चावल 5 से 6 रुपए किलो के भाव में खरीद लेते हैं। उसके बाद ई रिक्शा से चावल का कलेक्शन कराकर उसे गोदाम तक पहुंचा दिया जाता था। वहां से 12 से 15 किलो के हिसाब से मिलों आदि को बेचा जाता है।