एक तरफ समूचे देश में अमर शहीदों की याद में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। महोत्सव में देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को सम्मान दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मडराक पुलिस ने इसके ठीक विपरीत काम किया है।
नई बन रही मडराक नगर पंचायत क्षेत्र में शामिल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों का प्रमुख केंद्र रही पाली रजापुर गांव के स्वतंत्रता सेनानियों की याद में शहीद स्मारक बनाने के लिए थाना पुलिस ने जगह का अभाव बता दिया है। पुलिस के इस रुख से नाराज कोल विधायक अनिल पाराशर ने डीएम एवं एसएसपी से शिकायत की है।
हाल ही में बनी नगर पंचायत मडराक के क्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानियों की ग्राम पंचायत कही जाने वाली पाली रजापुर ग्राम पंचायत भी आ गई है। इस ग्राम पंचायत के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए नई नगर पंचायत में कुछ ऐसा कराना तय हुआ, जो स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित हो। कोल विधायक अनिल पाराशर ने सहमति दी कि मडराक थाने में शहीद स्मारक बनवा दिया जाए।
मगर मडराक पुलिस ने इस मंसूबे पर पानी फेर दिया। अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को प्रेषित पत्र में पुलिस ने मडराक थाना परिसर में शहीद स्मारक के लिए जगह होने से इंकार कर दिया। यह भी तर्क दिया कि थाने में बड़ी संख्या में बरामद वाहन भी खड़े रहते हैं।
शहीद स्मारक के लिए कम से कम 500 वर्ग गज जगह की आवश्यकता है। इतना स्थान थाने में नहीं है। यह रिपोर्ट जब विधायक कोल अनिल पाराशर के पास आई तो वह भड़क गए। विधायक अनिल पाराशर ने बताया कि इस मामले में उन्होंने डीएम एवं एसएसपी को जानकारी दी है। मांग की है कि जगह की व्यवस्था कर किसी भी सूरत में शहीद स्मारक बनवाया जाए।
एतिहासिक है पाली रजापुर ग्राम पंचायत
मडराक नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आई पाली रजापुर ग्राम पंचायत एतिहासिक महत्व रखती है। बताया जाता है कि इस ग्राम पंचायत में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई क्रांतिकारी हुए, जिन्होंने अंग्रेजों से लोहा लिया। अंग्रेज सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा भी यहीं बनती थी। बड़े बड़े क्रांतिकारी यहां पनाह लेते थे।