एसटीएफ मेरठ यूनिट व बन्नादेवी पुलिस द्वारा पकड़े गए यूपी दरोगा भरती परीक्षा के सॉल्वर गैंग के सरगना सहित सात सदस्य अभी फरार हैं। इनकी तलाश में सीओ द्वितीय की अगुवाई में पुलिस की तीन टीमें सरगर्मी से लगी हुई हैं। पुलिस ने इनकी रिश्तेदारियों से लेकर, दोस्तों और परिचितों तक को रडार पर ले रखा है। प्रयास है कि अगले दो दिन में इस पूरे रैकेट को सामने लाकर सॉल्वर गैंग से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने लाया जाए।
एसटीएफ के इनपुट पर पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार देर रात महर्षि गौतम इंटर कॉलेज के पीछे गायत्री नगर के एक मकान से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मकान स्वामी, इंटरनेट लगाने वाला युवक व कॉलेज के सेंटर का इंचार्ज शामिल हैं।
इन तीनों से मिली जानकारी पर सरगना सहित सात लोगों के नाम सामने आए। इनमें सरगना योगेंद्र खैर के नारायणपुर का रहने वाला है। जांच में पता चला है कि योगेंद्र ने ही यह पूरा रैकेट खड़ा किया। योगेंद्र ने ही आवेदकों से पेपर सॉल्व कराने की डील की और बाकी उसके सॉल्वर साथी हैं।
सीओ द्वितीय मोहसिन खान का कहना है कि मामले में एसएसपी के निर्देशन में तीन टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें सातों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। लगातार दबिश दी जा रही हैं। टीमों ने परिवारों से लेकर दोस्तों, परिचितों व रिश्तेदारों तक को रडार पर ले रखा है।
प्रयास किया जा रहा है कि दो दिन में यह गैंग हाथ में लग जाए। ताकि इस गैंग से जुड़े सभी सवालों का जवाब मिल जाए। सीओ बताते हैं कि इस गैंग से जुड़े अभी तमाम सवालों के जवाब तलाशने हैं। ये सभी जवाब गैंग की गिरफ्तारी पर ही मिलेंगे। फिलहाल पकड़े गए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।