थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में रविवार सुबह 22 वर्षीय विवाहिता और उसके 20 वर्षीय मौसेरे भाई के शव ससुराल के एक कमरे में मिले। दोनों के घर आसपास ही हैं। मृतका गर्भवती थी। उसके ससुराल वालों का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है जबकि युवती के पिता ने ससुराल वालों पर दोनों की हत्या करने का आरोप लगाया है।
बहादुरपुर गांव निवासी अनिल कुमार ने करीब चार साल पहले अलीगढ़ शहर के जयगंज निवासी साढ़ू की बेटी बुलबुल की शादी अपने गांव के युवक विकास से कराई थी। बुलबुल के पति विकास महाराष्ट्र में रहकर ताले का काम करते हैं। अब उनके दो साल की एक बेटी है। घर पर बुलबुल, उसकी सास जानकी देवी और ससुर प्रताप सिंह ही रहते हैं। अनिल का बेटा दीपू बुलबुल के साथ अलीगढ़ में इंटर तक पढ़ा था। शादी के बाद मौसेरी बहन के घर उसका आना-जाना था जिसको बुलबुल की ससुराल वाले पसंद नहीं करते थे। दोनों के घरों की दूरी महज 500 मीटर है।
शनिवार की रात बुलबुल अपनी बेटी के साथ छत पर सोई थी। सास दूसरी छत पर जबकि ससुर घर के बाहर सोए थे। रविवार की सुबह प्रताप सिंह को नातिन के रोने की आवाज छत पर सुनाई दी। वह नातिन को लेकर नीचे उतरे और बुलबुल को आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने कमरा खोलकर देखा तो बुलबुल जमीन पर पड़ी थी जबकि दीपू का शव फंदे पर लटक रहा था। यह देखकर उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर पड़ोसी वहां पहुंच गए। सूचना पाकर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भी पहुंचे। उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के साथ दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ श्वेताभ पांडे और फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। वहीं ग्रामीणों में चर्चा थी कि दीपू के आने का ससुराल वाले विरोध करते थे लेकिन बुलबुल की आपत्ति पर चुप हो जाते थे। बुलबुल के पिता राजवीर का आरोप है कि ससुराल वालों ने ही दोनों को मार डाला है। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के अनुसार बुलबुल सात माह की गर्भवती थी। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।