अलीगढ़ के हाईप्रोफाइल ब्लैकमेलिंग कांड में सोमवार को नए खुलासे हुए। गिरफ्तार आरोपी श्रवण कुमार, उसकी पत्नी काजल उर्फ पूजा और फरार चल रहे अधिवक्ता अनूप कौशिक ने बरौली के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह को भी ब्लैकमेल करते हुए आठ लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में सोमवार को दो नई एफआईआर दर्ज की गई है। थाना बन्नादेवी में अश्लील वीडियो वायरल करने और रंगदारी मांगने के मामले में दंपती के साथ-साथ फरार रहे अधिवक्ता अनूप कौशिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शुरुआती जांच में संकेत मिल हैं कि आरोपी अब तक 25 से 30 लोगों से 5 करोड़ रुपये तक की रकम ऐंठ चुके हैं। इनके शिकार लोगों में एक होटल कारोबारी भाजपा नेता, शहर के पुराने कचौड़ी विक्रेता और खैर क्षेत्र के एक प्रधान भी शामिल हैं।
ब्लैकमेलिंग से जुड़ी नाै अश्लील वीडियो मिली
पुलिस को इन लोगों से ब्लैकमेलिंग से जुड़ी नाै अश्लील वीडियो मिली है जिसकी जांच चल रही है। बरौली के चेयरमैन मनोज सिंह ने थाना क्वार्सी में आरोपी श्रवण कुमार और उसकी पत्नी काजल उर्फ पूजा निवासी स्वर्ण जयंती नगर के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट कहा है कि महिला ने उनको फ्लैट दिखाने के बहाने बुलाया था।
बेहोशी की अवस्था में उनके अश्लील वीडियो बनाए
वहीं, पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेहोशी की अवस्था में उनके अश्लील वीडियो बनाए। इसके बाद अधिवक्ता अनूप कौशिक ने फोन करके वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। इसके एवज में 25 लाख रुपये की मांग की। जब इतनी बड़ी रकम देने में उन्होंने असमर्थता जताई तो यह लोग 20 लाख रुपये तक आ गए।
बाद में सौदेबाजी करते हुए आठ लाख रुपये पर राजी हो गए। आरोपियों ने आठ लाख रुपये लिए और समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी किए। इस पत्र में आरोपियों ने स्वीकार किया था कि जो वीडियो उन्होंने तैयार किया वह योजना के तहत फंसाने के लिए था।
पीड़ित के मुताबिक उस समय यह प्रकरण पुलिस के सामने रखा लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब ब्लैकमेलिंग का खेल खुलने के बाद पुलिस ने उनसे संपर्क किया। इसके बाद ही उन्होंने भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित ने कहा कि वह यह केस इसलिए दर्ज करा रहे हैं कि ये लोग भविष्य में किसी और के साथ ऐसी हरकत न कर सकें।
आसपास के जिलों व दिल्ली-एनसीआर में दी जा रही दबिश
पुलिस की पकड़ से दूर आरोपी अधिवक्ता अनूप कौशिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उसका मोबाइल फोन बंद रहने से लोकेशन नहीं मिल पा रही। पुलिस के मुताबिक आसपास के जिलों और दिल्ली-एनसीआर में भी दबिश दी जा रही है। कुछ परिचितों से उसके ठिकानों के सुराग मिले हैं जहां पुलिस टीम नजर रखे है।
खुलासे के पीछे भाजपा मीडिया प्रभारी की शिकायत
इस पूरे बड़े रैकेट का खुलासा तब हुआ जब भाजपा के महानगर मीडिया प्रभारी निधीश कांत भट्ट ने थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज कराया। उनकी शिकायत के मुताबिक, 10-12 दिन पहले फेसबुक मैसेंजर पर काजल उर्फ पूजा नाम की महिला से उनकी बातचीत शुरू हुई थी। महिला ने फ्लैट बेचने के बहाने उन्हें 30 जुलाई को क्वार्सी बाईपास स्थित स्वर्ण जयंती नगर बिजली घर के पीछे बुलाया।
आरोप है कि वहां पहुंचने पर उन्हें साजिश के तहत नशीला पदार्थ खिलाकर अचेत कर दिया गया, जिसके बाद उनके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लिए गए। इसके बाद खुद को वकील बताने वाले अनूप कौशिक ने फोन कर वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। डर के वजह से पीड़ित ने पहले दो लाख रुपये दे दिए। बाद में आरोपी पांच लाख रुपये की मांग करने लगे तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
महिला एक, नाम कई, कौन सा असली... पता नहीं
ब्लैकमेल कांड में शामिल आरोपी महिला का नाम कोई पूजा, कोई काजल तो कोई अर्चना बता रहा है। जांच में पता चला है कि महिला ने अलग-अलग लोगे को अपना नाम बदल-बदल के बताया है। ब्लैकमेलिंग से पहले हर व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी की जाती थी।
महिला उससे किसी न किसी बहाने अपना परिचय या नजदीकी निकाल लेती थी। इसके बाद अपना झुकाव उस व्यक्ति की प ओर जाहिर करती थी। जब व्यक्ति उसके हनीट्रैप में फंस जाता तो आरोपी महिला उसके नजदीक आ जाती। इसी दौरान अन्य आरोपी पूरे घटनाक्रम की वीडियो तैयार कर लेते। इसके बाद व्यक्ति से सौदेबाजी का खेल शुरू होता।
भाजपा नेता व अन्य लोगों से अश्लील वीडियो के दम पर ब्लैकमेल करने के मामले में सोमवार को दो अन्य एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें एक एफआईआर बरौली के चेयरमैन मनोज सिंह ने दर्ज कराई है जबकि दूसरी थाना बन्ना देवी में अनूप कौशिक व अन्य आरोपियों के खिलाफ वीडियो वायरल करने के मामले में दर्ज कराई गई है। इन लोगों का गिरोह अब तक 25-30 लोगों के साथ ब्लैकमेलिंग को अंजाम दे चुका है। भागे हुए अधिवक्ता की तलाश में कई टीमें लगी हैं।
धनंजय कुमार, सीओ द्वितीय