गांव-गांव से चंदे के रूप में जुटाए गए दो लाख एक हजार रुपये लेकर गाजीपुर सीमा पर गए किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को आंदोलन में सहयोग के लिए धनराशि सौंपी। वहां से आंदोलन आगे चलाने के लिए टिकैत का संदेश भी लिया। बताया कि टिकैत ने कहा है कि समय से खेतीबाड़ी के कार्य करते रहें और आंदोलन में भी सहभागिता बनी रहे इस प्रकार की रणनीति बनाएं।
शनिवार को गोंडा क्षेत्र से किसानों का एक जत्था सहयोगी धनराशि लेकर गाजीपुर सीमा पर गया था। यह धनराशि भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को सौंपी गई। यहां से गए किसान नेताओं के अनुसार टिकैत ने कहा है कि नेतृत्व द्वारा दिए जा रहे कार्यक्रमों के अनुसार स्थानीय स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाते रहें। आंदोलन लंबा चलेगा। जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती, संघर्ष जारी रहेगा।
टिकैत से मिलने वालों में अनिल चौधरी धारागढ़ी, राकेश प्रधान, अंकित ठकुरेला, धर्मेंद्र पाइंदापुर, बीरू चौधरी, धर्मवीर चौधरी, जगराम सिंह, मास्टर केवल सिंह, मास्टर उदयवीर सिंह, हरीराज सिंह, दिनेश चंद, रामवीर चौधरी किनमासा, सत्येंद्र सिंह, गुलवीर सिंह, अमरपाल सिंह, मेजर बीरबल सिंह, कैप्टन हरपाल सिंह, अमरपाल सिंह, केंद्रपाल सिंह, साहब सिंह, उदयवीर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, राजेश वर्मा, देवेंद्र सिंह, टिंकू सिंह, करतार सिंह, रौतान सिंह, नरेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह शामिल रहे ।
हरियाणा के कृषि मंत्री की टिप्पणी से किसान खफा
रविवार को 50वें दिन गांधी स्मारक पार्क में क्रमिक धरने पर डटे किसानों ने हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा आंदोलन के दौरान मृत किसानों पर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। यदि ऐसे जनप्रतिनिधि किसानों की आत्म शांति के लिए प्रार्थना नहीं कर सकते तो गलत बयानी भी न करें।
जेपी दलाल का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं कि किसान आंदोलन में मरे। घर पर होते तो वहां भी उन्हें मरना था। इसी बात पर किसानों में रोष है। वहीं धरनास्थल पर किसानों ने पुलवामा हादसे में शहीद सैनिकों व आंदोलन में मृत किसानों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कस्बे में मशाल जुलूस व कैंडल मार्च निकाला। अमर शहीदों की याद में नारे लगाए। इस दौरान राकेश प्रधान, अंकित ठकुरेला, पुष्पेंद्र चौधरी, रघुवीर महाशय, हरवीर कैमथल, देवदत्त, श्यामवीर सिंह, जयवीर चौधरी, मोहन सिंह, रन सिंह, मनोज तलेसरा, बाजीलाल शर्मा, पूरन सिंह एडवोकेट, महाराज सिंह, रोहताश नुनेरा आदि मौजूद रहे।